साईडलुक, जबलपुर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री शिरीष मिश्रा को इंजीनियर-इन-चीफ का चार्ज देने पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने प्रदेश के मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग के एडीशनल सेक्रेटरी और शिरीष मिश्रा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
भोपाल निवासी जोश सिंह कुसरे और विनोद सिंह तेकाम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ और जुबिन प्रसाद ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि शिरीष मिश्रा जल संसाधन विभाग से अधीक्षण यंत्री के पद से सेवानिवृत्त हुए। विभाग ने उन्हें 7 फरवरी 2024 को सेवानिवृत्ति के बाद कांट्रेक्ट पर उसी पद पर नियुक्ति दे दी। उक्त आदेश में लिखा गया कि उन्हें किसी भी अन्य विभाग में उसी पद पर स्थानांतरित किया जा सकता है। दलील दी गई कि आश्चर्यजनक तरीके से उपकृत करने के उद्देश्य से 22 फरवरी को एक अन्य आदेश जारी कर शिरीष मिश्रा को जल संसाधन विभाग में इंजीनियर-इन-चीफ और चीफ इंजीनियर (केन्द्रीयकृत निविदा इकाई) का प्रभार दे दिया गया।

