जबलपुर (नवनीत दुबे)। निकाय चुनाव जबलपुर के परिणाम घोषित हो चुके हैं जगत बहादुर सिंह अन्नू संस्कारधानी के नए महापौर के रूप में जनमानस की पसंद बने हैं मुद्दे की बात पर आते हैं आज सुबह से ही मतगणना स्थल में राजनीतिक दलों के दिग्गजों सहित कार्यकर्ता जीत हार का गणित काव्य बढ़ाना के हिसाब से बैठा रहे थे जहां कांग्रेस खेमे से विधायक लखन घनघोरिया, तरुण भनोट, विनय सक्सेना, संजय यादव के साथ ही राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, पल-पल की जानकारी लेने मतगणना स्थल पर उपस्थित थे, जिससे कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ रहा था। तो कांग्रेस प्रत्याशी अनु सिंह को भी मनोबल मिल रहा था एवं कांग्रेसी दिग्गजों की एकजुटता कहीं ना कहीं परिणाम को स्पष्ट कर रही थी, तो वहीं दूसरी ओर भाजपा के स्थानीय दिग्गज चाहे विधायक हो, सांसद हो या नगर संगठन के पदाधिकारी मतगणना स्थल में दूरदृष्टि दौड़ आने पर भी नजर नहीं आ रहे थे, हां लेकिन युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडे डॉक्टर जामदार के समर्थन में कुछ एक कार्यकर्ताओं के साथ मोर्चा संभाले हुए थे, लेकिन पांडे जी के चेहरे में भी भाजपाई वरिष्ठ और दिग्गजों की अनुपस्थिति हताशा को जाहिर कर रही थी, ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि डॉक्टर जामदार के समर्थन में स्थानीय दिग्गजों का इस तरह का लचर और ढुलमुल रवैया किसी बात की ओर इशारा कर रहा था? खैर महापौर का ताज भले ही भाजपा के हाथों से फिसल गया, लेकिन बहुतायत पार्षद भाजपा के ही विजय हुए हैं, अंततः चिंतन—मंथन विचार अब इस बात पर होना चाहिए कि इतनी जीत और मेहनत के बाद भी डॉक्टर जानदार को शिकस्त कैसे मिली? क्या नगर संगठन, नेतृत्व क्षमता, निति निर्धारण या फिर भाजपाई जयचंदों ने खेल बिगाड़ा यह ज्ञात करना आवश्यक है?

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