डिंडौरी | जनजातीय कार्य विभाग मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा दिनांक 10 दिसंबर 2024 को एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें जिले में संलग्न सभी शिक्षकों को उनके मूल संस्थान में वापिस भेजने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन इस आदेश की जिले में खुलेआम अवहेलना की जा रही है।
शासकीय शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष रामकुमार गर्ग ने आरोप लगाया है कि डिंडौरी जिले में विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय और संकुल प्राचार्यों की मनमानी के कारण शिक्षकों की मूल शाला में वापसी आज तक नहीं हो सकी है।
जिले में कई शिक्षकों को नियम विरुद्ध एक ही स्कूल में 6 से 7 तक संलग्न कर दिया गया है, जबकि ग्रामीण और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों की शालाएं आज भी शिक्षक विहीन हैं और केवल अतिथि शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रही हैं।
गर्ग ने यह भी कहा कि जनजातीय कार्य विभाग जिला डिंडौरी में संलग्नीकरण और अतिशेष शिक्षकों का खेल एक व्यापार बन चुका है। विभाग के पास न तो शालाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी है और न ही रिक्त पदों का सही आंकड़ा।
उन्होंने डिंडौरी कलेक्टर को पत्र लिखकर मांग की है कि जिले के सभी शिक्षकों की शालावार, विषयवार जानकारी और रिक्त पदों की स्थिति को ऐजूकेशन पोर्टल 3.0 पर अपलोड किया जाए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके और नियम अनुसार अतिशेष शिक्षकों की युक्तियुक्ति की जा सके।



