डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन। कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने बुधवार को ग्राम पंचायत धौरई, चटुआ, किंवटी सहित विभिन्न शासकीय संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर लापरवाही और अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधितों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सबसे पहले ग्राम धौरई स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में निरीक्षण के दौरान बच्चे अनुपस्थित पाए गए, जबकि केंद्र खुला हुआ था। सहायिका ने कारण अधिक वर्षा बताया, परंतु आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं बच्चों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने साफ-सफाई और पोषण आहार वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए।

शासकीय पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग बालक छात्रावास डिंडौरी में निरीक्षण के दौरान छात्रावास अधीक्षक अनुपस्थित मिले और 100 सीटर छात्रावास में मात्र दो छात्र उपस्थित थे। साथ ही रसोई संचालन नियमित नहीं पाया गया एवं साफ-सफाई की स्थिति भी खराब थी। सार्थक एप पर उपस्थिति दर्ज न होने के कारण कलेक्टर ने तहसीलदार शशांक शेण्डे को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।प्राचीन डिंडौरी स्थित सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास में क्षमता से अधिक छात्र निवासरत पाए गए। छात्रावास अधीक्षक श्री राजेश चौरे ने पानी की समस्या और भवन की आवश्यकता से अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने शीघ्र ही नया भवन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया एवं पीएचई विभाग को जल्द पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
मनरेगा योजना अंतर्गत ग्राम चटुआ से किंवटी मार्ग पर बनी पुलिया की सच्चाई जानने पर बड़ा खुलासा हुआ। कलेक्टर को बताया गया कि पुलिया वर्ष 2024-25 में बनी है, जबकि ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य डेढ़ वर्ष पूर्व ही पूरा हो चुका है। गलत जानकारी देने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार शशांक शेण्डे, सीईओ जनपद पंचायत प्रमोद झा, सीएमएचओ डॉ. रमेश मरावी, डीपीसी रविन्द्र मिश्रा, पीएचई यंत्री अफजल इमाम उल्ला खान, आयुष अधिकारी डॉ. संतोष परस्ते सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



