पटवारी ने सीमांकन के नाम पर मांगे थे 10000 रू. बकाया राशि 3000 रू. न मिलने पर जमीन का नहीं किया सीमांकन……

डिंडौरी, रामसहाय मर्दन| जिले के बजाग तहसील अंतर्गत ग्राम सुन्हादादर के एक किसान ने पटवारी पर सीमांकन के एवज में पैसा लेने का आरोप लगाया है। किसान पतिराम पिता सुनार ने आरोप लगाया है कि पटवारी ने सीमांकन के नाम पर 10000 रू. की मांग की थी,जिसमे से 7000 रू. ले लिया था,किंतु शेष 3000 रू. न मिलने पर जमीन का सीमांकन नहीं किया गया। पीड़ित किसान ने अनुविभागीय अधिकारी बजाग़ से शिकायत कर पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की है।

बजाग तहसील कार्यालय राजस्व विभाग के पटवारी शेरप्रताप ठाकुर ने जमीन का सीमांकन करने के एवज में 10000 रू. किया गया था जहां किसान पतिराम के द्वारा पटवारी को 7000 रू. दे दिया गया है और बकाया राशि 3000रू. नहीं मिलने पर पटवारी के द्वारा भूमि का सीमांकन करने से इंकार कर दिया । जबकि 12 /7/ 2023 को पटवारी शेर प्रताप ठाकुर ने भूमि स्वामी पतिराम सुन्हादादर निवासी की भूमि के सीमांकन हेतु आसपास के अन्य किसानों को पत्र लिखकर दिनांक 14/7/2023 को उपस्थित रहने की सूचना दी थी । लेकिन भूमि स्वामी पतिराम सुन्हादादर ने बताया की उसने पटवारी को 7000 रु दिया था लेकिन बकाया राशि 3000 हजार आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से नही दे पाया। जिसके चलते भूमि का सीमांकन नहीं किया गया। जिससे किसान पतिराम सीमांकन के पटवारी और अधिकारियों की बार—बार चक्कर लगाने को मजबूर है।

वही उक्त मामले की जानकारी जब किसान पतिराम ने जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते को शिकायत पत्र के माध्यम से दी गई,जिस पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने मामले को संज्ञान में लेकर पटवारी से बात किया तो पटवारी गोलमोल जवाब देने लगा और किसान पतिराम की तलाश कर पटवारी शेर प्रताप ठाकुर ने शिवरी गांव के तिराहे में भूमि सीमांकन के नाम पर किसान से लिये 7000रू. उसके जेब में डाल दिया। और किसान को बोला कि तुम्हें जहां लगे शिकायत कर लो मेरा कुछ नहीं कर पाओगे। उक्त मामले को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते ने किसान को अपने साथ लेकर SDM कार्यालय बजाग पहुंचे ,जहां पर पटवारी द्वारा किए गए कृत्य की शिकायत जिला पंचायत अध्यक्ष ने SDM को करते हुए जांच कर 07 दिवस के अंदर कार्रवाई करने मांग की है । वही 07 दिवस के अंदर कार्रवाई न होने पर किसान उग्र आंदोलन करने की चेतावनी जिला पंचायत अध्यक्ष ने दी है । अब देखना यह होगा कि आरोपित भ्रस्ट पटवारी के खिलाफ अधिकारी क्या कार्रवाई करते है या इसी तरह किसानों का शोषण होता रहेगा।

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