डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन| जनजातीय जिला डिंडौरी के किसानों की परेशानियाँ दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। पहले तो ग्रीष्मकालीन फसलों – मूंग और उड़द – के लिए उन्हें कृषि विभाग से बीज नहीं मिला और अब खरीफ सीजन के लिए भी बीज संकट गहराता जा रहा है। भारतीय किसान संघ, डिंडौरी के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू ने बताया कि जिले के किसान कृषि विभाग से ग्रीष्मकालीन बीजों की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन उन्हें समय पर बीज नहीं मिला। अब जब खरीफ की बुआई का समय आ गया है, तो धान, सोयाबीन सहित अन्य फसलों के बीज भी सरकारी गोदामों या बीज वितरण केंद्रों पर उपलब्ध नहीं हैं।
74 हजार रुपये प्रति क्विंटल में खरीदना पड़ रहा धान बीज…
बिहारी लाल साहू ने बताया कि किसान अब मजबूरी में कृषि विभाग से लाइसेंस प्राप्त निजी दुकानदारों से बीज खरीदने पर मजबूर हैं, जहां धान का बीज 74 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बेचा जा रहा है। यह कीमत एक सामान्य किसान की पहुंच से बहुत दूर है।
कृषि विभाग की चुप्पी हैरान करने वाली…
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि किसान बार-बार कृषि विभाग के अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत करा चुके हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पूरा विभाग इस गंभीर स्थिति पर चुप्पी साधे बैठा है।
किसान संघ ने दी चेतावनी – जल्द बीज नहीं मिले तो होगा आंदोलन
भारतीय किसान संघ ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही किसानों को उचित दरों पर बीज उपलब्ध नहीं कराया गया, तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। संघ ने मांग की है कि बीज संकट का तत्काल समाधान किया जाए, कालाबाजारी रोकने के लिए निरीक्षण अभियान चलाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
बारिश से पहले बीज उपलब्ध नहीं होने पर होगा बड़ा नुकसान….
बिहारी लाल साहू ने कहा कि खरीफ सीजन में धान, मक्का, सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलें बोई जाती हैं, और अगर समय पर बुआई नहीं हुई तो पूरे जिले की कृषि व्यवस्था प्रभावित होगी। इससे न केवल किसानों को आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग…
भारतीय किसान संघ ने जिले के कलेक्टर और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से अपील की है कि वे मामले का गंभीरता से संज्ञान लें और सुनिश्चित करें कि सभी किसानों को समय पर और उचित दर पर बीज मिल सके।



