जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत धुरकूटा का मामला…
डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन। जिले की समनापुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत धुरकुटा में विकास के नाम पर सरकारी राशि की जमकर लूट मची हुई है। शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को जो राशि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं और ढांचागत विकास के लिए दी जाती है, उसका उपयोग यहां झंडा, टेंट और जलपान के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए किया जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो पंचायत सचिव विनोद यादव और सरपंच की मिलीभगत से लाखों रुपए की राशि को कागजों में दिखाकर हड़प लिया गया है। केवल झंडा खरीदी के नाम पर 54 हजार रुपए की राशि एक फर्म को दे दी गई, लेकिन न तो झंडों की संख्या दर्ज है, न ही कोई विवरण। इसी तरह, रेवा कैंप में चाय-पानी व टेंट के नाम पर 50 हजार रुपए का भुगतान किया गया है, और मतदान केंद्र की मरम्मत के नाम पर भी गजेन्द्र ट्रेडर्स नामक फर्म को 50 हजार रुपए मिले हैं।

सबसे हैरानी की बात यह है कि यही एक फर्म — गजेन्द्र ट्रेडर्स — पंचायत में रेत, गिट्टी से लेकर टेंट और जलपान तक की सारी आपूर्ति कर रहा है। जिससे साफ जाहिर होता है कि योजनाबद्ध तरीके से पंचायत को लूट का अड्डा बना लिया गया है।
सचिव विनोद यादव के ऊपर पहले भी बम्हनी पंचायत में पदस्थापना के दौरान वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लग चुके हैं। लेकिन प्रशासन की चुप्पी और निरीक्षण की कमी से ऐसे कर्मचारी और भी अधिक निडर होते जा रहे हैं। जबकि कि 5वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, सड़क, बिजली, शौचालय, स्कूल भवन जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण में किया जाना चाहिए। लेकिन धुरकुटा पंचायत में इसका खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है।
इनका कहना है “
मामले की जांच कराई जाएगी यदि गड़बड़ी पाई जाती है तो नियमानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
सीपी साकेत, सीईओ जनपद पंचायत समनापुर जिला डिंडौरी।



