डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन।जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत गुरैया में निर्माण कार्यों में गंभीर गड़बड़ियों और फर्जी भुगतान के मामले में पंचायत सचिव किशन लाल झारिया को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत सीईओ अनिल कुमार राठौर ने यह सख्त कार्रवाई करते हुए सचिव को शासकीय सेवा से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया और उन्हें जनपद पंचायत शहपुरा में अटैच कर दिया गया है।
मनरेगा कार्य में फर्जी मस्टर रोल से भुगतान
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत गुरैया में वर्ष 2023-24 के दौरान मनरेगा योजना के अंतर्गत गैबियन स्ट्रक्चर निर्माण कार्य के लिए ₹5.08 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी। सचिव द्वारा ₹57,450 की राशि मस्टर रोल के माध्यम से भुगतान कर दी गई, लेकिन जांच में पाया गया कि स्थल पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है। यह जांच सहायक विकास विस्तार अधिकारी आर.के. सलवार और उपयंत्री सौरभ परोहा द्वारा की गई थी।
स्वागत द्वार निर्माण में भी मिली अनियमितता
इतना ही नहीं, पंचायती 5वें राज्य वित्त आयोग मद से निर्मित स्वागत द्वार के भुगतान में भी सचिव द्वारा नियमों की अनदेखी की गई। न तो पंचायत प्रक्रिया का पालन हुआ और न ही स्थल पर कार्य की मौजूदगी पाई गई। तकनीकी प्रतिवेदन के अनुसार भुगतान की पूरी प्रक्रिया में विसंगति सामने आई है।
कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब
किशन लाल झारिया को दिनांक 2 जून 2025 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर 3 दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। लेकिन उन्होंने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद 5 जून को स्मरण पत्र भी भेजा गया, फिर भी सचिव की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
नियमों का उल्लंघन, लापरवाही का गंभीर मामला
जिला प्रशासन ने इसे म.प्र. पंचायत सेवा (अनुशासन एवं नियंत्रण) नियम 2011 के तहत गंभीर उल्लंघन मानते हुए सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके विरुद्ध वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के स्पष्ट प्रमाण सामने आए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। साथ ही यह संदेश भी गया है कि शासकीय धन में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।



