जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम पंचायत करेगांव का मामला…
सचिव ने कहा मैंने नहीं कराया काम, सरपंच और रोजगार सहायक ने कराए है स्टॉपडैम का निर्माण…
डिंडौरी| इन दिनों जनपद पंचायत समनापुर में भ्रष्टाचार के मामले लगातार खबरों में सुर्खियां बटोर रही है। जिन्हें ग्राम विकास की जिम्मेदारी दी गई है वही विकास कार्य की आड़ में सरकारी पैसे की कैसे हेराफेरी की जाती है इसका प्रत्यक्ष इसका उदाहरण समनापुर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों को देख कर लगाया जा सकता है। यहां पर आए दिन भृष्टाचार के नए—नए मामले सामने आ रहे है,पर जिम्मेदार अधिकारी कार्यों में हो रही अनियमितताओं की सही ढंग से जांच और न ही संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई कर रहे है। जिसका फायदा उठाकर सरपंच—सचिव घटिया निर्माण कार्य को अंजाम दे रहे है। या फिर यूं कहा जाये कि अधिकारियों की सांठगांठ के चलते निर्माण कार्य समेत अन्य कार्यों में भारी भ्रष्टाचार कर लाखो रू का बंदरबांट किया जा रहा है। जिम्मेदारों को न जांच की चिंता न कार्रवाई डर है।
ये रहा पूरा मामला…
दरअसल ताजा मामला जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम पंचायत करेगांव का सामने आया है,जहां पर सरपंच हीरालाल धुर्वे व सचिव प्रहलाद सिंह ठाकुर और रोजगार सहायक उत्तमदास के द्वारा उपयंत्री से सांठगांठ कर स्वयं को आर्थिक लाभ पहुंचाने के चक्कर में स्टाॅपडैम का घटिया निर्माण कराया गया है।
बता दें कि उक्त स्टाॅपडैम निर्माण में ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के द्वारा कंक्रीट की जगह बोल्डर/पत्थर डालकर पूरी तरह गुणवत्ताविहीन निर्माण कराया गया है। जो निर्माण के चंद महीनों में अपनी व्यथा बयां कर रही है।
एक वर्ष में ही खुली भ्रष्टाचार की पोल…
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत करेगांव के सिंघनपुरी के उमर नाला में विगत वर्ष 2023/24 में पुलिया के उपरी तरफ मनरेगा योजना के तहत लाखो रू. की लागत से स्टाॅपडैम निर्माण कराया गया है। जहां पर स्टाॅपडैम की साइडवाल में बोल्डर/पत्थर डाले गयें हैं,जो फोटो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वहीं स्टाॅपडैम के निचले हिस्सा से पानी का रिसाव हो रहा है। वहीं वही अपनी काली करतूत छुपाने जिम्मेदारों के द्वारा रिसाव वाली स्थान में कांक्रींट से लीपापोती किया गया है,उसके बावजूद पानी निकल रहा है।
सरपंच जानकारी देने से झाड़ रहा पल्ला …
वहीं जब मामले की अधिक जानकारी के लिये सरपंच हीरा लाल धुर्वे से फोन के माध्यम से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने जानकारी देने से पल्ला झाड़ दिया और फोन काट दिया। वहीं सचिव प्रहलाद सिंह ठाकुर से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि स्टाॅपडैम का निर्माण के दौरान मैं छुटटी में था,चैकडेम का निर्माण सरपंच और रोजगार सहायक के द्वारा कराया गया है।
निर्माण स्थल में नहीं लगाया गया सूचना पटल..
ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य या अन्य कार्य कराने से पहले सूचना पटल लगाना अनिवार्य होता है,जिससे आमजनों को कार्य की लागत,योजना का नाम,मजदूरी दर समेत अन्य जानकारी मिल सके। लेकिन निर्माण ऐजेंसी का मनमानी चरम पर है। यही आलम ग्राम पंचायत करेगांव का है,जहां के सरपंच सचिव के द्वारा स्टाॅडैम का कार्य पूर्ण होने के बाद भी सूचना पटल नहीं लगाया गया है। जिसके चलते लोगों को जानकारी नही मिल रही है।
इनका कहना है,,
आपके माध्यम से जानकारी मिली है,मामले की जांच कराई जायेगी,जांच के उपरांत यदि स्टाॅपडैम में अनियमित्तायें पायी जाती है,तो उसके आधार पर कार्रवाई की जायेगी।
सीपी साकेत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत समनापुर जिला डिंडौरी।



