डिंडौरी, रामसहाय मर्दन। जिले में बढ़ती वाहनों की तादाद और पार्किंग की कोई व्यवस्था न होने के कारण जिला मुख्यालय में अक्सर जाम लगे रहने के कारण विवाद की स्थिति बनी रहती है। शहर में बेजा भीड़ वाले क्षेत्र जैसे बैंकों के सामने,पुरानी डिंडौरी, भारत माता चौक,अंबेडकर चौक, मंडला बस स्टैंड में अक्सर जाम की चपेट में रहता है।

बता दें कि इन दिनों जिला मुख्यालय की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है, जिसका जहां मन चाहा वहीं वाहन पार्क कर दिया जाता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि यातायात पुलिस की उदासीनता के चलते कि सड़क को ही पार्किंग स्थल बना दिया गया है जिसके चलते आये दिन सड़क दुर्घटनाएं तो होती ही हैं। जिसकी सजा अन्य वाहन चालकों एवं मुसाफिरों को झेलनी पड़ रही है।

जिला मुख्यालय में आप यह स्थिति मंडला बस स्टेंड से लेकर कंपनी चौक पुरानी डिंडौरी , कलेक्टर तिराहा, आई डी बी आई बैंक , एस बी आई बैंक मेन रोड, उत्कृष्ट विद्यालय मैदान,भाजपा कार्यालय, मुख्य बाजार ,भारत माता चौक , नीलम होटल,रानी अवंती बाई चौराहा ,रुचि स्वीट्स ,जिला अस्पताल से लेकर राय मेडिकल तक आए दिन देख सकते हैं। जिसके चलते आए दिन जाम की स्थिति बन जाती है। और नए यातायात प्रभारी शहर वासियों को इस अराजक व्यवस्था से निजात दिलाने में नाकामयाब है।

सड़क बनी पार्किंग,भारी वाहन शहर में प्रवेश, कलेक्टर के आदेश की जा रही अवहलेना…
जिला मुख्यालय की यातायात व्यवस्था ठप हो चुकी है,ऑटो और भारी वाहन चालक 500 रू. के दम में नियमों को ताक में रखकर खुलेआम भारी वाहन कर प्रवेश कर रहे है। दरअसल विगत दिनों कलेक्टर विकास मिश्रा ने जिला मुख्यालय लाचार यातायात व्यवस्था देखते हुए जिला मुख्यालय में सुबह 9:00 से रात्रि 9:00 तक भारी वाहन प्रतिबंधित का का आदेश जारी किया था लेकिन जिला मुख्यालय की यातायात व्यवस्था को देखकर लगता है कि यातायत विभगा कलेक्टर की आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ रहा, सड़क बनी पार्किंग और भारी वाहन शहर में प्रवेश कर रहे है।

500 रू. का कमाल…..
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में जो ऑटो सवारियां भर-भर कर यात्री सुरक्षा के साथ-साथ राहगीरों को सुरक्षा से खिलवाड़ करते है, साथ ही भारी वाहन भी बिना रोक टोक के शहर में प्रवेश 500 रू के दम में भरते नजर में रहे है। जिले में यातायात पुलिस की सवारी गाड़ी आटो, ट्रैक चालकों सहित अन्य गाडियों के लिए विशेष ऑफर है। 500 रू. दो जैसे चाहे सवारी ढो, वहीं वाहन चेकिंग के दौरान भी विशेष सुविधा उपलब्ध, बिना कागज जांच कराए जा सकते है।
दरअसल अधिकांश ऑटो चालकों से विभाग प्रमुख द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मियों के माध्यम से प्रतिमाह 500 रुपयों की वसूली की जाती है,और फिर यही से यात्री सुरक्षा के साथ खिलवाड़ प्रारंभ हो जाता है और फिर वह बेखौफ हो मनमानियों पर अमादा हो जाते है।



