◆ कलेक्टर रत्नाकर झा ने की बाढ़ आपदा नियंत्रण की पूर्व तैयारियों की समीक्षा

डिण्डौरी (रामसहाय मर्दन)। कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले में बाढ एवं अतिवृष्टि से निपटने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिससे बाढ एवं अतिवृष्टि की स्थिति में संभावित आपदाओं से तत्काल निपटा जा सके। इससे बाढ़ एवं अतिवृष्टि से होने वाली हानि को रोका जा सकेगा। कलेक्टर झा गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बाढ़ आपदा नियंत्रण के संबंध में की जा रही तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर अपर कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ सिंह, एसडीएम डिंडौरी बलवीर रमण, संयुक्त कलेक्टर सुश्री रजनी वर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वाथ्य अधिकारी डाॅ. रमेश मरावी, जिला समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान राघवेन्द्र मिश्रा, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग डाॅ0 संतोष शुक्ला सहित जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। कलेक्टर झा ने आंधी तूफान से मार्ग बाधित होने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिससे आवागमन बाधित न हो सके। सड़क मार्ग में पेड़ गिरने पर नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों को पेड़ों को हटाना होगा। उन्होंने बाढ़ की स्थिति पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए। बाढ़ आने पर ग्राम पंचायतों से मजरे टोलों का संपर्क न टूटे इसके लिए आवागमन की सुविधा एवं सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने पहुंच विहीन उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान्न पहुंचाने के निर्देश दिए। ग्राम दुनिया और बघाड़ में खाद्यान्न पहुंचाने की स्थिति की समीक्षा की। कलेक्टर झा ने कहा कि बरसात के मौसम में कोई भी कक्षाएं जर्जर कक्षों में संचालित नहीं की जायेगी। उन्होंने जर्जर स्कूल एवं कक्षाओं के संबंध में जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने सड़कों के किनारे लटकते पेड़ एवं खम्बों को भी दुरूस्त करने के निर्देश दिए। जिससे आंधी तूफान में मार्ग बाधित न हो। कलेक्टर रत्नाकर झा ने विगत वर्षाें में पानी से डूबने/आकाशीय बिजली गिरने और सर्पदंश से हुई जनहानि की जानकारी ली। उन्होंने बाढ एवं अतिवृष्टि के दौरान लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए। इस दौरान कोई भी व्यक्ति नदी नाले पार न करें। उन्होंने आकाशीय बिजली के दौरान किसी भी व्यक्ति को पेड़ के नीचे न रहने और घर से बाहर न निकलने की समझाईस देने के निर्देश दिए। इस संबंध में विकासखण्ड स्तर में बैठक आयोजित की जाएगी। कलेक्टर झा ने बैठक में सर्पदंश के प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में सर्व प्रथम मरीजों को स्वास्थ्य केन्द्रों में लाकर उपचार कराया जाए। घरों में सर्प घुसने पर सर्प पकड़ने वालों की मदद लेने के निर्देश दिए, जिससे कि किसी भी प्रकार की जनहानि न हो। कलेक्टर झा ने मतदान केन्द्रों की स्थिति की भी समीक्षा की। मतदान केन्द्रों में साफ-सफाई, प्रकाश और फर्नीचर की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर झा ने नगरीय क्षेत्रों के नालों की साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। जिससे बरसात में जल निकासी का उचित प्रबंध हो सके। उन्होंने नालों से अतिक्रमण तत्काल हटाने और बाढ एवं अतिवृष्टि के दौरान नदी नालों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गोताखोरों को तैयार रहने, टार्च, रस्सी एवं लाईफ जाकेट हमेशा साथ रखने को कहा। बाढ से प्रभावित होने वाले गांव एवं मजरे टोलों में निगरानी रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री झा ने कहा कि बाढ एवं अतिवृष्टि के संबंध में लगातार जानकारी प्राप्त करने तथा पीड़ितों की सहायता करने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। कंट्रोल रूम से कोई भी व्यक्ति सहायता प्राप्त कर सकेगा। जिले में कंट्रोल रूम लगातार 24 घंटे काम करेगा।

administrator, bbp_keymaster

Related Articles