करंजिया से डिंडौरी तक अनेको स्थलों पर किया जा रहा है रेत का खनन…

खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल ….

डिंडौरी, रामसहाय मर्दन| एक तरफ नर्मदा संरक्षण को लेकर राज्य सरकार प्रतिबद्ध हैं, सतत रूप से माँ नर्मदा की अविरल धारा बहती रहें, इस उद्देश्य को लेकर सरकार द्वारा सालों पहले नर्मदा सेवा यात्रा निकाली गई थी ।वही डिंडौरी जिले में नर्मदा के आगमन के साथ ही अवैध खनन से माफिया स्वागत करने तैयार दिखाई दे रहे हैं। नर्मदा नदी में लंबे समय से दर्जनों जगहों से धड़ल्ले से रेत का अवैध खनन किया जा रहा हैं,वही दूसरी तरफ जिम्मेदार महकमा मौन साधे हुए बैठे हैं।

प्रशासनिक अमले द्वारा रेत माफिया पर कार्रवाई के बजाय राजनैतिक संरक्षण प्राप्त रेत माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है। खनिज अधिकारी नदी से अवैध रेत खनन पर गैरजिम्मेदाराना रवैया अपना रहे हैं,जल भराव क्षेत्र में लेबरो के माध्यम से उत्खनन किया जा रहा हैं।

खनन माफियाओं के हौसले बुलंद

जिले में रेत माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वो सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी की गाइडलाइन की खुले आम धज्जियां उड़ा रहे हैं, नर्मदा नदी से नियम कायदों को ताक में रखकर रेत खनन कर रहे हैं,रेत माफिया द्वारा नदी में सड़कों का जाल बिछा दिया गया है और बारहमास बहने वाली इस नदी के तल से भी रेत की खुदाई की जा रही है।नदी से अवैध रेत के दोहन से पानी दूषित हो रहा है और जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है, रेत माफियाओं ने नदी के प्राकृतिक स्वरूप को भी खराब कर दिया है।

इन जगहों की नर्मदा तटों में किया जा रहा खनन…..

गाड़ासरई, शोभापुर, बंजर टोला ,रहेंगी, तेली टोला, रुसा, करंजिया, सिवनी, भीमकुण्डी,शिव घाट तथा अनेक जगहों पर दिन दहाड़े नर्मदा नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। इन स्थानों से रेत खनन और परिवहन होता हैं,इसकी जानकारी खनिज विभाग को भी हैं..नर्मदा नदी में चल रहे रेत के अवैध कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों ने अनेको बार जवाबदारों से शिकायतें की है, लेकिन नतीजा हमेशा शिफर ही रहा है. कार्रवाई तो दूर की बात है अधिकारी और जिम्मेदारों ने इन मामलों की जांच करना भी उचित नहीं समझा।

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