डिंडौरी। शासकीय शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग एवं डिंडोरी डाइट के पत्रों को संलग्न करते हुए जिले की कलेक्टर नेहा मारव्या सिंह से मांग की है कि शिक्षकों के लिए लीडरशिप आवासीय प्रशिक्षण माह जून में आयोजित कराया जाए।
राम कुमार गर्ग ने बताया कि शासन द्वारा शिक्षकों को माह मई में अवकाश प्रदान किया गया है, लेकिन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) द्वारा सरकार के आदेश की अनदेखी करते हुए शिक्षकों का प्रशिक्षण अवकाश अवधि में आयोजित किया जा रहा है, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को ईएल (अर्जित अवकाश) का भी लाभ नहीं मिलता, ऐसे में उनके अवकाश के दौरान प्रशिक्षण लेना अन्यायपूर्ण है। संगठन ने मांग की है कि यदि प्रशिक्षण मई माह में ही कराया जाता है तो प्रशिक्षण आयोजित कराने वाले अधिकारियों के वेतन से पाँच दिन का वेतन शिक्षकों को भुगतान किया जाए अथवा प्रशिक्षण माह जून में आयोजित किया जाए।
बीआरसी की भूमिका पर उठाए सवाल…
राम कुमार गर्ग ने करंजिया बीआरसी की भूमिका को भी संदेहास्पद बताया। उन्होंने कहा कि डिंडोरी जिले में प्रशिक्षण हेतु भेजी गई शिक्षकों की सूची त्रुटिपूर्ण है। वास्तविक संस्था प्रमुखों को छोड़कर अन्य शिक्षकों के नाम शाला प्रभारी के रूप में भेजे गए हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि बीआरसी के अधिकारियों को आज तक यह भी जानकारी नहीं है कि किस शाला में कौन शिक्षक प्रभारी है। संगठन ने इस संबंध में भी कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है।



