डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपते हुए लंबे समय से कार्यरत अतिथि शिक्षकों ने अपनी समस्याएं रखते हुए समायोजित की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि विगत 15–16 वर्षों से कई अतिथि शिक्षक जिले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन स्थानांतरण, प्रमोशन एवं अतिशेष जैसे कारणों से वे बाहर हो चुके हैं। अब उनके समक्ष आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ज्ञापन में अतिथि शिक्षकों ने पांच प्रमुख बिंदुओं पर तत्काल कार्यवाही की मांग की है कि— 1. जिले में जारी अतिथि शिक्षक भर्ती विज्ञापन पर रोक लगाई जाए। 2. प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूलों में रिक्त पदों की विद्यालयवार जानकारी मांगी जाए। बाहर किए गए अनुभवी अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों पर पुनः समायोजित किया जाए। 3. विकासखंड स्तर पर नियुक्तियों में असमानता खत्म की जाए व आदिवासी अंचलों में बच्चों की शिक्षा बाधित न हो। 5. स्थानांतरित नियमित शिक्षकों के स्थान पर उसी संकुल के अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाए। शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी वर्षों की सेवा और अनुभव को ध्यान में रखते हुए शीघ्र आदेश जारी कर राहत प्रदान की जाए। साथ ही ग्रामीण अंचलों में शिक्षा व्यवस्था को बाधित होने से बचाया जाए।



