डिंडौरी| NH45 में भूमि अधिग्रहण में मनमानी पूर्वक गणना पत्रक तैयार करने का भूमि स्वामियों ने लगाए आरोप…

डिंडौरी| NH45 में भूमि अधिग्रहण में मनमानी पूर्वक गणना पत्रक तैयार करने का भूमि स्वामियों ने लगाए आरोप…

 

 प्रभावित भूमि स्वामियों ने एसडीएम से की शिकायत…..

डिंडौरी(रामसहाय मर्दन)| एनएच 45 नवीन बायपास निर्माण में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी को पत्र लिखकर पटवारी एवं एनएच के अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया है। एसडीएम के नाम सौंपे गए पत्र में उल्लेख है कि एन.एच.45 नवीन बायपास रोड़ डिण्डौरी में भू अधिग्रहण में मनमानी करते हुए गणना पत्रक तैयार की जा रही है। आरोप लगाया है कि हल्का पटवारी ग्राम खिरसारी , जमुनिया पहन .66 द्वारा कृषको को गलत जानकारी देकर कोरे स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन में किसानों से हस्ताक्षर करा लिया गया है ,और इनके द्वारा कहा गया कि आपको बाजार मूल्य से 10 गुना अधिक राशि मुआवजा के रूप में दिया जाएगा, आश्वाशन के चलते किसानों ने कोरे स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन में हस्ताक्षर कर दियें है । हल्का पटवारी एवं एन.एच. की टीम की मिलीभगत से मनमानी पूर्वक वृक्षों की संख्या एवं मकानों की संख्या दर्शित करते हुये गणना पत्रक तैयार की रही है जबकि मकान सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित राजपत्र के पश्चात मकान निर्माण किया गया है । हल्का पटवारी एवं एन.एच.की टीम के द्वारा मनमानी ढंग से बिना बंटवारे की भूमि का नक्शा काटकर भू अर्जन होने वाली भूमि का राजपत्र में प्रकाशन करा दिया गया है । जबकि संबंधित कृषकगणों से कोई सहमति नहीं ली गयी है ।भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 26 की उपधारा 2 का उल्लघंन करते हुए डिंडौरी बायपास रोड़ में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा नियुक्त सर्वेयर / कर्मचारियों को गणना पत्रक के कॉलम नम्बर 25 में मल्टीपल फैक्टर का पालन न करते हुये गणना पत्रक तैयार किया जा रहा है । राजपत्र में प्रकाशित होने के पूर्व भूमि का डायवर्सन जो व्यावसायिक एवं आवासीय प्रयोजन हेतु किया गया था उनकी प्रकृति असिंचित भूमि के रूप में हल्का पटवारी द्वारा दर्शित किया गया है, जिसके विरोध में कृषक गणों द्वारा पत्राचार कर अनुरोध किया गया था कि भूमि की प्रकृति में सुधार आवश्यक है लेकिन आज दिनांक तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गयी है । उपरोक्त वर्णित समस्याओं का भूअर्जन होने के पूर्व निराकरण नहीं किया जाता तो हमारे मूल मौलिक अधिकार का हनन होगा।किसानों ने भूमि अधिग्रहण में बरती जा रही मनमानी पर अंकुश लगाने एवं समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है।

editor

Related Articles