◆ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रत्नाकर झा ने स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में दिए निर्देश:-

डिण्डौरी(रामसहाय मर्दन)। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रत्नाकर झा ने कहा कि त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2022 स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्वक संपन्न किया जाएगा। जिले के सभी शस्त्र लायसेंस निलंबित कर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। असामाजिक तत्वों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई जारी है। पुलिस के द्वारा निर्वाचन कार्य को प्रभावित करने वाले व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। लगातार भ्रमण कर मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। पंचायत निर्वाचन का कार्य सफलतापूर्वक संचालित हो इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी झा शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित स्टेंडिंग कमेंटी की बैठक में उक्त निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष नरेन्द्र राजपूत, जिला बसपा अध्यक्ष मो. असगर सिद्दिकी, कैलाश चंद्र जैन,आशीष वैश्य, अलोक शर्मा, पुलिस अधीक्षक संजय सिंह, अपर कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ सिंह, एसडीएम डिंडौरी बलवीर रमण मौजूद थे। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी झा ने कहा कि पंचायत निर्वाचन का कार्य सफलता पूर्वक संचालित करने के लिए मतदान दलों का गठन कर लिया गया है। सभी जनपद मुख्यालयों में मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पंचायत निर्वाचन में प्राप्त शिकायतों का निराकरण के लिए शिकायत निवारण केन्द्र स्थापित हैं। शिकायत निवारण केन्द्र में प्राप्त शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाएगा। पंचायत निर्वाचन में सभा एवं रैली की अनुमति के लिए सिंगल विंडो प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पहले आवेदन पत्र आने पर पहले अनुमति और दूसरे आवेदन पत्र आने पर दूसरी अनुमति मिल सकेगी। आवेदकों को सार्वजनिक स्थल पर सभा/रैली के लिए सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रत्नाकर झा ने कहा मतदान समाप्ति के लिए नियत किये गए समय के पिछले 48 घंटों की काल अवधि के दौरान सार्वजनिक सभा एवं रैलियां नहीं की जा सकेंगी। मतदान केन्द्र के 100 मीटर के अंदर किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा। कोई भी अभ्यर्थी किसी की व्यक्तिगत भूमि, भवन या दीवार का उपयोग झण्डा टांगने, पोस्टर चिपकाने, नारे लिखने आदि प्रचार कार्य के लिए उसकी अनुमति के बगैर नहीं करेगा। इसी प्रकार से शासकीय एवं सार्वजनिक भवनों का उपयोग भी चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी झा ने कहा कि पंचायत निर्वाचन में संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पूर्व में निर्वाचन के दौरान विवादित गांवों को चिन्हित कर लिया गया हैं। पुलिस के द्वारा असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जा रही है। पंचायत निर्वाचन में मतदान का प्रतिशत बढाने के लिए मतदान जागरूकता अभियान प्रारंभ है। उन्होंने बरसात के मौसम के मद्देनजर मतदान केन्द्रों तक आने जाने के लिए आवागमन सुविधा को बेहतर बनाने तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्र्देश दिए।

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