(डिंडौरी) मतगणना के दौरान गोपनीयता भंग करने पर होगी जेल: — कलेक्टर विकास मिश्रा ! प्रेसवार्ता कर मतगणना के संबंध में दिए सख्त निर्देश कहा…
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डिण्डौरी,रामसहाय मर्दन| जिला निर्वाचन अधिकारी विकास मिश्रा ने आज विधानसभा चुनाव-2023 के अंतर्गत 3 दिसम्बर को कलेक्ट्रेट परिसर में होने वाली मतगणना प्रक्रिया के संबंध में माईक्रो ऑब्जॉर्बर को मतगणना संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रदान किया गया एवं भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों की बिंदुवार जानकारी दी। इस प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी सरोधन सिंह, रिटर्निंग ऑफिसर डिंडौरी रामबाबू देवांगन और रिटर्निंग ऑफिसर शहपुरा श्रीमती निशा नापित सहित मास्टर ट्रेनर्स एवं माईक्रो ऑब्जर्बर मौजूद थे।प्रशिक्षण में पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से मास्टर ट्रेनर्स द्वारा मतगणना की तैयारियों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि मतगणना निर्वाचन प्रक्रिया का अंतिम एवं महत्वपूर्ण चरण है। सर्वप्रथम पोस्टल बैलेट की काउंटिंग सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगी। इसके पश्चात इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की मतगणना की जायेगी। दोनों विधानसभा के लिए नियुक्त गणना अभिकर्ताओं को पहचान पत्र प्रदान किया जायेगा। जो अभिकर्ता जिस विधानसभा के लिए नियुक्त किया गया है वह अन्य विधानसभा की मतगणना प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकता। दोनों विधानसभा में ईव्हीएम के लिए 14- 14 टेबल का इस्तेमाल किया जायेगा। विधानसभा शहपुरा के मतों की गणना 24 राउंड एवं विधानसभा डिंडौरी के मतों की गणना 23 राउंड में पूरी होगी। प्रत्येक गणना टेबल पर एक मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक एवं माइक्रो ऑब्जर्वर होगा। डाकमत पत्रों की गिनती के लिए प्रत्येक टेबल पर एक एआरओ नियुक्त किया गया। मतगणना स्थल पर सुरक्षा दृष्टिकोण से त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा है। कोई भी व्यक्ति अनाधिकृत रूप से मतगणना कक्ष के अंदर नहीं जा सकता है। मतगणना अभिकर्ताओं को मतगणना केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, आई पैड, लैपटॉप या ऐसे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को ले जाने की अनुमति नहीं है जो ऑडियो या वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। इसके अलावा मतगणना स्थल पर धूम्रपान भी प्रतिबंधित होगा।
आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक मतगणना अभिकर्ता को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा एक बैज दिया जाएगा। जिसमें यह दर्शाया जाएगा कि वह किसका अभिकर्ता है और उस मेज की क्रम संख्या भी दर्शायी जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने केन्द्र एवं राज्य शासन के मंत्रिगणों, संसद सदस्यों, विधायकों एवं विधान परिषद के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय निकायों, सहकारी संस्थाओं एवं शासकीय उपक्रमों के अध्यक्षों के भी उम्मीदवारों के गणना एजेंट बनने पर रोक लगाई है। आयोग के निर्देशानुसार किसी भी स्थानीय संस्था के अध्यक्ष, नगर निगम के महापौर, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत के अध्यक्ष, जिला पंचायत एवं पंचायत समिति के अध्यक्ष, केन्द्र एवं राज्य सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार के उपक्रमों के अध्यक्ष विधानसभा का चुनाव लड़ रहे किसी भी प्रत्याशी के गणना एजेंट नियुक्त नहीं किये जा सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने ग्राम पंचायत प्रधान अथवा सरपंच, पंचायत सदस्य, नगर पालिका या म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पार्षदों या सदस्यों और स्थानीय व्यक्तियों के उम्मीदवारों के अभ्यर्थियों के गणना अभिकर्ता के रूप में नियुक्ति पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है। आयोग के अनुसार किसी भी भारतीय नागरिक जो एनआरआई है, को भी उम्मीदवार का गणना अभिकर्ता बनाया जा सकेगा। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ऐसे व्यक्ति को जिसे राज्य (केंद्रीय और राज्य सरकारों) द्वारा सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया हो, उन्हें निर्वाचन अभिकर्ता या उम्मीदवार के गणना अभिकर्ता के रूप में नियुक्त नहीं किया जायेगा, चाहे वो अपनी सुरक्षा को समर्पित कर दे या छोड़ दे। इस तरह के व्यक्ति अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ या उनके बिना गणना हॉल में दाखिल नहीं हो सकेंगे। प्रशिक्षण के उपरांत जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने आरओ एवं माईक्रो ऑब्जर्बरों को मतगणना स्थल का भ्रमण कराया।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों का भलीभांति पालन करें : जिला निर्वाचन अधिकारी विकास मिश्रा….
माईक्रो ऑब्जर्बरों को मतगणना संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया…
डिण्डौरी,रामसहाय मर्दन| जिला निर्वाचन अधिकारी विकास मिश्रा ने आज विधानसभा चुनाव-2023 के अंतर्गत 3 दिसम्बर को कलेक्ट्रेट परिसर में होने वाली मतगणना प्रक्रिया के संबंध में माईक्रो ऑब्जॉर्बर को मतगणना संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रदान किया गया एवं भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों की बिंदुवार जानकारी दी। इस प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी सरोधन सिंह, रिटर्निंग ऑफिसर डिंडौरी रामबाबू देवांगन और रिटर्निंग ऑफिसर शहपुरा श्रीमती निशा नापित सहित मास्टर ट्रेनर्स एवं माईक्रो ऑब्जर्बर मौजूद थे।

प्रशिक्षण में पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से मास्टर ट्रेनर्स द्वारा मतगणना की तैयारियों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि मतगणना निर्वाचन प्रक्रिया का अंतिम एवं महत्वपूर्ण चरण है। सर्वप्रथम पोस्टल बैलेट की काउंटिंग सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगी। इसके पश्चात इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की मतगणना की जायेगी। दोनों विधानसभा के लिए नियुक्त गणना अभिकर्ताओं को पहचान पत्र प्रदान किया जायेगा। जो अभिकर्ता जिस विधानसभा के लिए नियुक्त किया गया है वह अन्य विधानसभा की मतगणना प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकता। दोनों विधानसभा में ईव्हीएम के लिए 14- 14 टेबल का इस्तेमाल किया जायेगा। विधानसभा शहपुरा के मतों की गणना 24 राउंड एवं विधानसभा डिंडौरी के मतों की गणना 23 राउंड में पूरी होगी। प्रत्येक गणना टेबल पर एक मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक एवं माइक्रो ऑब्जर्वर होगा। डाकमत पत्रों की गिनती के लिए प्रत्येक टेबल पर एक एआरओ नियुक्त किया गया। मतगणना स्थल पर सुरक्षा दृष्टिकोण से त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा है। कोई भी व्यक्ति अनाधिकृत रूप से मतगणना कक्ष के अंदर नहीं जा सकता है। मतगणना अभिकर्ताओं को मतगणना केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, आई पैड, लैपटॉप या ऐसे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को ले जाने की अनुमति नहीं है जो ऑडियो या वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। इसके अलावा मतगणना स्थल पर धूम्रपान भी प्रतिबंधित होगा।

आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक मतगणना अभिकर्ता को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा एक बैज दिया जाएगा। जिसमें यह दर्शाया जाएगा कि वह किसका अभिकर्ता है और उस मेज की क्रम संख्या भी दर्शायी जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने केन्द्र एवं राज्य शासन के मंत्रिगणों, संसद सदस्यों, विधायकों एवं विधान परिषद के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय निकायों, सहकारी संस्थाओं एवं शासकीय उपक्रमों के अध्यक्षों के भी उम्मीदवारों के गणना एजेंट बनने पर रोक लगाई है। आयोग के निर्देशानुसार किसी भी स्थानीय संस्था के अध्यक्ष, नगर निगम के महापौर, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत के अध्यक्ष, जिला पंचायत एवं पंचायत समिति के अध्यक्ष, केन्द्र एवं राज्य सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार के उपक्रमों के अध्यक्ष विधानसभा का चुनाव लड़ रहे किसी भी प्रत्याशी के गणना एजेंट नियुक्त नहीं किये जा सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने ग्राम पंचायत प्रधान अथवा सरपंच, पंचायत सदस्य, नगर पालिका या म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पार्षदों या सदस्यों और स्थानीय व्यक्तियों के उम्मीदवारों के अभ्यर्थियों के गणना अभिकर्ता के रूप में नियुक्ति पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है। आयोग के अनुसार किसी भी भारतीय नागरिक जो एनआरआई है, को भी उम्मीदवार का गणना अभिकर्ता बनाया जा सकेगा। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ऐसे व्यक्ति को जिसे राज्य (केंद्रीय और राज्य सरकारों) द्वारा सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया हो, उन्हें निर्वाचन अभिकर्ता या उम्मीदवार के गणना अभिकर्ता के रूप में नियुक्त नहीं किया जायेगा, चाहे वो अपनी सुरक्षा को समर्पित कर दे या छोड़ दे। इस तरह के व्यक्ति अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ या उनके बिना गणना हॉल में दाखिल नहीं हो सकेंगे। प्रशिक्षण के उपरांत जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने आरओ एवं माईक्रो ऑब्जर्बरों को मतगणना स्थल का भ्रमण कराया।

आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक मतगणना अभिकर्ता को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा एक बैज दिया जाएगा। जिसमें यह दर्शाया जाएगा कि वह किसका अभिकर्ता है और उस मेज की क्रम संख्या भी दर्शायी जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने केन्द्र एवं राज्य शासन के मंत्रिगणों, संसद सदस्यों, विधायकों एवं विधान परिषद के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय निकायों, सहकारी संस्थाओं एवं शासकीय उपक्रमों के अध्यक्षों के भी उम्मीदवारों के गणना एजेंट बनने पर रोक लगाई है। आयोग के निर्देशानुसार किसी भी स्थानीय संस्था के अध्यक्ष, नगर निगम के महापौर, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत के अध्यक्ष, जिला पंचायत एवं पंचायत समिति के अध्यक्ष, केन्द्र एवं राज्य सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार के उपक्रमों के अध्यक्ष विधानसभा का चुनाव लड़ रहे किसी भी प्रत्याशी के गणना एजेंट नियुक्त नहीं किये जा सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने ग्राम पंचायत प्रधान अथवा सरपंच, पंचायत सदस्य, नगर पालिका या म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पार्षदों या सदस्यों और स्थानीय व्यक्तियों के उम्मीदवारों के अभ्यर्थियों के गणना अभिकर्ता के रूप में नियुक्ति पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है। आयोग के अनुसार किसी भी भारतीय नागरिक जो एनआरआई है, को भी उम्मीदवार का गणना अभिकर्ता बनाया जा सकेगा। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ऐसे व्यक्ति को जिसे राज्य (केंद्रीय और राज्य सरकारों) द्वारा सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया हो, उन्हें निर्वाचन अभिकर्ता या उम्मीदवार के गणना अभिकर्ता के रूप में नियुक्त नहीं किया जायेगा, चाहे वो अपनी सुरक्षा को समर्पित कर दे या छोड़ दे। इस तरह के व्यक्ति अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ या उनके बिना गणना हॉल में दाखिल नहीं हो सकेंगे। प्रशिक्षण के उपरांत जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने आरओ एवं माईक्रो ऑब्जर्बरों को मतगणना स्थल का भ्रमण कराया।

