नबनीत दुबे (जबलपुर) | बीते दिनों हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ पूर्व विधानसभा में विजय मिली ,ओर ये कहना अतिश्योक्ति नही होगा कि पूर्व विधानसभा में विधायक लखन घनघोरिया की व्यक्तिगत विशेष पैठ है जिसके चलते यहां के जनमानस ने उन्हें जीत का आशीष दिया है इस उल्लेख का आशय सिर्फ ये इंगित करना है कि नगर कांग्रेस संगठन में सब कुछ ठीक नही चल रहा है, गुटबाजी ओर वैमनस्यता का भाव कांग्रेसियों के मन मे घर बना चुका है, ओर नगर कांग्रेस में मची भीतरी खींचतान संगठन हो हाशिये पर ला रही है? उक्त परिस्थितयो के दृष्टिगत रखते हुए यही कयास लगाये जा रहे है कि आगामी लोकसभा चुनाव में शर्मनाक पराजय का सामना कांग्रेस को करना पड़ सकता है? सूत्रों की माने तो विधानसभा चुनाव में पश्चिम,उत्तरमध्य,केंट,बरगी पनागर, सिहोरा हर विधानसभा में कांग्रेस को मुह की खानी पड़ी और इस पराजय के लिए नगर संगठन में मची अंतर्कलह प्रमुख कारक है, तो वही नगर अध्यक्ष जगत बहादुर की कार्यप्रणाली पर भी कांग्रेसी उंगली उठ रही है? कहा जा रहा है कि अन्नू सिंह नगर कांग्रेस संगठन के नगर अध्यक्ष के साथ ही महापौर के दायित्व को भी सम्हाल रहे है जिसके चलते नगर संगठन कमजोर हो रहा है, तो वही चर्चाओं के बाजार में ये भी शोर हो रहा है कि अन्नू सिंह को लेकर कुछ दिग्गज कांग्रेसियों की भृकुटि पहले से ही तनी हुई है, खेर मुद्दे की बात पर आते है सर्वविदित के प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कमलनाथ की पसन्द जगत बहादुर है किंतु वर्तमान में कांग्रेस की प्रदेश बागडोर जीतू पटवारी के हाथ मे है और संभवतः प्रदेश कॉंग्रेस अध्यक्ष जीतू युवा है और जल्द ही कांग्रेस में नए ओर युवा चेहरों को दायित्व देने का मन बना चुके है जिसके चलते नगर कांग्रेस में भी बदलाव के संकेत मिल रहे है, अब देखना ये रोचक होगा कि हाशिये पर जाती कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष जबलपुर नगर कांग्रेस में कैसे सामंजस्य स्थापित कर पाने में सफल होते है और अन्नू सिंह के खिलाफ लामबंद हो रहे कांग्रेसियों को साधने कय्या कार्ययोजना बनाते है?

