भोपाल| मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग ने अपने परिपत्र क्रमांक एफ 4-1/2025/नियम/चार के माध्यम से राज्य के शासकीय सेवकों का मंहगाई भत्ता (DA) सातवें वेतनमान के अंतर्गत बढ़ाने का निर्णय लिया है। परिपत्र के अनुसार, पहले से चालू 50% मंहगाई भत्ते में क्रमशः तीन प्रतिशत की वृद्धि 1 जुलाई 2024 (भुगतान माह अगस्त 2024) से कर 53% और अतिरिक्त दो प्रतिशत की वृद्धि 1 जनवरी 2025 (भुगतान माह फरवरी 2025) से कर 55% की नई दरें लागू होंगी।
नए आदेशों के लाभ 1 मई 2025 (भुगतान माह जून 2025) से दिया जाएगा, जबकि 1 जुलाई 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक की मूल और बढ़ी हुई दरों का एरियर पांच समान किश्तों—जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025—में जारी होगा। सेवानिवृत्त या निधन होने वाले कर्मचारियों के एरियर की एकमुश्त रकम उनके नामांकित सदस्यों को चुकाई जाएगी।
परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भत्ते में 50 पैसे या उससे ऊपर के अंश को अगले पूरे रुपये में राउंड-अप किया जाएगा और 50 पैसे से कम राशि को नज़रअंदाज़ किया जाएगा। साथ ही, मंहगाई भत्ता वेतन का कोई हिस्सा नहीं माना जाएगा और संबंधित विभागों को इसके भुगतान पर स्वीकृत बजट से अधिक व्यय न करने का निर्देश दिया गया है। मंत्री–सचिवालय वल्लभ भवन से जारी इस आदेश के बाद प्रदेश भर के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई के बढ़ते दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है।
शासकीय शिक्षक संगठन डिंडौरी मुख्यमंत्री मोहन यादव का जताया आभार..
शासकीय शिक्षक संगठन जिला डिंडोरी के अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों के हित में लिए गए निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार व्यक्त किया है। गर्ग ने कहा कि केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का निर्णय राज्य के कर्मचारियों के लिए राहतकारी है और इससे उनके आर्थिक हितों को बल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को 1 मई से 30 मई तक सीमित करने के आदेश का भी स्वागत किया। गर्ग ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों में पारदर्शिता और संतुलन सुनिश्चित करेगा तथा स्थानांतरण संबंधी असमंजस को दूर करेगा। गर्ग ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री मोहन यादव आगे भी इसी तरह कर्मचारियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेते रहेंगे।



