निगमायुक्त ने आदेश जारी कर उपायुक्त राजस्व और सभी संभागीय अधिकारियों को सर्वे कराने की दी जिम्मेदारी
सर्वे के बाद यदि किसी वार्ड में अवैध हॉस्टल का संचालन पाया गया तो संबंधित संभागीय अधिकारी और सहायक राजस्व निरीक्षक के विरूद्ध होगी कार्रवाई
निगमायुक्त द्वारा गंभीरता के साथ सर्वे कर वार्डवार रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी दिये गए सख्त निर्देश
सर्वे उपरांत व्यवसायिक करारोपण ‘कर’ लगाकर संचालकों से होगी वसूली : निगम की आर्थिक स्थिति में भी आयेगा सुधार-निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव
जबलपुर। नगर निगम को लगातार यह शिकायतें विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हो रहीं हैं कि आवासीय क्षेत्रों में भी व्यवसायिक गतिविधियॉं संचालित की जा रहीं हैं जैसे- गोदाम, छात्रावास (हॉस्टल), जर्नल स्टोर्स, किराने की दुकान, कोचिंग संस्थान, पार्लर, निजी पार्किंग आदि गतिविधियॉं संचालित कर अवैध एवं अनाधिकृत रूप से व्यवसाय किया जा रहा है, जो नियम विरूद्ध है। इस पर रोक लगाने तथा वास्तविक ऑंकड़े प्राप्त करने के लिए निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव के द्वारा आदेश जारी कर उपायुक्त राजस्व एवं सभी संभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वार्डवार आवासीय एवं व्यवसायिक उपयोग की सम्पत्तियों का सर्वे गंभीरता के साथ कराकर उसकी रिपोर्ट समक्ष में प्रस्तुत करें। इस संबंध में निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने एक सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि यदि वार्डवार सर्वे के उपरांत किसी भी वार्ड में व्यवसायिक उपयोग अवैध रूप से करते कोई संचालक पाया जाता है तो उस वार्ड के संभागीय अधिकारी एवं राजस्व निरीक्षक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। उपरोक्त आदेश के संबंध में निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने बताया कि वार्डवार सर्वे के बाद व्यवसायिक गतिविधियॉं संचालित करने वाले भवनों पर व्यवसायिक करारोपण ‘कर’ लगाकर टैक्स की वसूली की जायेगी, जिससे नगर निगम की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार आयेगा वहीं शहर विकास को गति मिलेगी।निगमायुक्त श्रीमती यादव ने सभी संबंधित अधिकारियों को राजस्व रिकार्ड में सही-सही व्यवसायिक सम्पत्तियों को दर्ज करने और उनपर व्यवसायिक करारोपण कर संचालकों से वसूली की कार्यवाही करने के भी सख्त निर्देश जारी किये हैं।

