ऑपरेशन म्यूल हंट’ में बड़ा खुलासा, 20 आरोपी गिरफ्तार
साईडलुक, डेस्क। गुजरात के राजकोट से सामने आया 2500 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड मामला देशभर में सनसनी का कारण बन गया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस बड़े रैकेट में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें निजी बैंकों के तीन अधिकारी भी शामिल हैं।
राजकोट पुलिस की जांच में सामने आया कि यह साइबर फ्रॉड बेहद संगठित तरीके से अंजाम दिया गया। आरोपियों ने फर्जी पहचान और दस्तावेजों के जरिए बैंक खातों का जाल बिछाया और करोड़ों रुपये का लेन-देन किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस रैकेट से जुड़े करीब 85 बैंक खातों की पहचान की गई है, जिनके जरिए देशभर में साइबर अपराधों को अंजाम दिया गया।
बैंक अधिकारियों की भूमिका से बढ़ी गंभीरता
इस मामले में चौंकाने वाला पहलू यह है कि निजी बैंकों—जैसे Yes Bank, Axis Bank और HDFC Bank—के तीन अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने फर्जी खातों को खोलने, संदिग्ध लेन-देन को छिपाने और बैंकिंग अलर्ट सिस्टम को दरकिनार करने में मदद की।
500 से ज्यादा शिकायतें, देशभर में फैला नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, इस साइबर फ्रॉड से जुड़े अब तक 500 से अधिक शिकायतें सामने आ चुकी हैं। यह नेटवर्क केवल गुजरात तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में फैला हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि खातों के जरिए ट्रांजैक्शन कर रकम को अलग-अलग चैनलों, यहां तक कि हवाला के माध्यम से भी आगे भेजा जाता था।
कैसे खुला पूरा राज?
इस बड़े घोटाले का खुलासा तब हुआ जब एक संदिग्ध खाते में असामान्य रूप से बड़ी रकम का लेन-देन पाया गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय जांच शुरू की, जिससे धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
आगे की जांच जारी, और खुलासों की आशंका
पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआती कार्रवाई है और जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों से बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
गुजरात का यह 2500 करोड़ का साइबर फ्रॉड न केवल एक बड़ा आर्थिक अपराध है, बल्कि यह बैंकिंग व्यवस्था में अंदरूनी मिलीभगत की भी गंभीर तस्वीर पेश करता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां इस नेटवर्क की जड़ तक कब पहुंचती हैं और दोषियों को सख्त सजा मिलती है।

