मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्ष नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस नियुक्ति से असहमति जताते हुए समनापुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संतोष मरकाम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
मरकाम ने इस्तीफा पत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेजते हुए कहा कि संगठन सृजन अभियान में जिले से कुल 15 दावेदारों ने अपनी दावेदारी पेश की थी। सभी कार्यकर्ताओं ने आपसी सहमति से अपने-अपने सुझाव दिए, लेकिन इनमें कहीं भी विधायक ओमकार सिंह मरकाम का नाम नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने न तो आवेदन किया और न ही दावेदारी जताई, इसके बावजूद उन्हें जिला अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया।
संतोष मरकाम का कहना है कि यह निर्णय कार्यकर्ताओं की राय को दरकिनार कर लिया गया है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने संगठन को मजबूत करने के लिए स्पष्ट कहा था कि जमीनी कार्यकर्ताओं की राय और सहमति से ही जिला अध्यक्षों का चयन किया जाएगा, लेकिन डिंडौरी में उस दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया गया।
मरकाम ने इसे न केवल कार्यकर्ताओं के साथ धोखा बताया बल्कि राहुल गांधी की भावना और संगठनात्मक प्रक्रिया के साथ भी विश्वासघात करार दिया। उन्होंने नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह नियुक्ति पूरी तरह मनोनयन आधारित है, जबकि कार्यकर्ता लंबे समय से संगठन को मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी से नाराज़ नहीं हैं और न ही पार्टी छोड़ रहे हैं। मरकाम ने कहा कि वे बिना किसी पद के भी पार्टी की सेवा और कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत करने का काम जारी रखेंगे।
इस घटनाक्रम के बाद डिंडौरी जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच भी इस नियुक्ति को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। कुछ कार्यकर्ता इसे उच्चस्तरीय निर्णय बताते हुए समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई कार्यकर्ताओं ने संतोष मरकाम के पक्ष में अपनी सहमति जताई है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि संतोष मरकाम का इस्तीफा कांग्रेस संगठन में असंतोष का संकेत है, जो आने वाले समय में जिला इकाई की एकजुटता और आगामी चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकता है।

