डिंडौरी: गुरुपूर्णिमा में परमगुरु प्रकृति और वृद्धजनों का किया सम्मान

डिंडौरी: गुरुपूर्णिमा में परमगुरु प्रकृति और वृद्धजनों का किया सम्मान

डिंडौरी (रामसहाय मर्दन)। प्रकृति (पौधे, हवा, पानी, प्रकाश) हम सभी की अनोखी, लौकिक, अलौकिक गुरु है। हम सभी को हर पल अनेकानेक रूप से शिक्षा दे रही है, हमारे जीवन को जीने की राह देती है, इसी को दृष्टिगत रखते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करने वाली संस्था धारा सरस्वती शैक्षणिक एवं समाज उत्थान समिति (Dss Mp) ने आज गुरुपूर्णिमा के दिन पौधोंरोपण किया साथ ही पौधों की पूजा अर्चना करके, फूल चढ़ाकर, नतमस्तक होकर अभिनंदन व सम्मान किया। समिति डीएसएस एमपी लगातार पर्यावरण प्रबंधन की दिशा में काम कर रही है और अपने काम के माध्यम से लोगों को संदेश दे रही है कि पर्यावरण परमात्मा का रूप है, हम सभी पर्यावरण को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर देखे, जीवन अनोखा बन जायेगा। आपको कुछ मिले न मिले पर आत्मसंतुष्टि मिलेगी, आत्मसंतुष्टि जीवन को नई ऊंचाइयों में ले जाने का कार्य करती है, हमें आत्मबल से भर देती है, जिसके माध्यम से लोग कठिन से कठिन कार्य को हँसते—हँसते कर लेते हैं। पौधे हमें जीवन जीने का तरीका हर पल बता रही है, आप कुछ पल अहोभाव से पौधों के साथ गुजारकर तो देखो, अपूर्व शांति की झलक मिलेगी। एक पौधे हमें कई चीज सिखा रही है, जैसे की एक सामान्य सा बीज है उसे देखेंगे तो कुछ समझ नहीं आता कि इसके अंदर है क्या, किंतु उसे रोपित कर दिया जाए तो बीज रूपांतरण होकर एक वृक्ष बन जाता है, इसी तरह हर इंसान भी एक बीज है उसमें अनंत संभावनाए छुपी है यदि व्यक्ति का रूपांतरण हो जाये तो इंसान से ईश्वर बन सकता है। वहीं पेड़ को देखें पेड़ जितना नीचे जड़ो को ले जाएगा उतना ही मज़बूत होता है इसी तरह व्यक्ति जितना अपने अंदर जाएगा, जितना मन को समझेगा, इंद्रियों को समझेगा, विचारों को समझेगा, भावों को समझेगा उतना ही मज़बूत होगा, अनंत ऊर्जा से भरते जाएगा, जीवन आनंदमय, तनावमुक्त और खुशहाल हो जाएगा। हम सभी के घरों में बुजुर्ग माता पिता है, दादा दादी है उनके पास अनुभव का अनोखा भंडार है, जो हमें जीवन को जीने में हर पल मदद करते है, वे भी हमारे अमूल्य गुरु है ऐसे परम् पूज्य वृद्ध गुरुजनों को नमन कर, पुष्प गुच्छ देकर समिति के सदस्यों ने सम्मानित किया। समिति जीवन के हर शुभ अवसरों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लगाने का काम करती है, आज गुरुपूर्णिमा के दिन प्रकृति की अदभुत स्थल संजय निकुंज नर्सरी, करौंदी शहपुरा में पौधारोपण किया गया, पौधों की पूजन अर्चना और वृद्धजनों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान समिति डीएसएस एमपी के सचिव सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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