भर्ती प्रक्रिया में डीएड को प्राथमिकता देने डी एस संघ ने सौंपा ज्ञापन…

डिंडौरी,रामसहाय मर्दन| मध्यप्रदेश डीएड संघ  द्वारा कलेक्टर सहित जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता देने न्याय की गुहार लगाई है। बता दे की आज मध्यप्रदेश डीएस संघ द्वारा कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। संघ ने अवगत कराया गया कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 में बी. एड वालों की जो नियुक्ति हो गयी है और चल रही है, वह गलत है। सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय 11 अगस्त को आ चुका है, जिसमें बीएड को प्राथमिक शिक्षक के लिए अपात्र माना है। उसके बाद भी प्रक्रिया नहीं रोकी जा रही है। जिससे  डीएड शिक्षकों का  मानसिक एवं आर्थिक नुकसान हो रहा है।

मध्य प्रदेश डीएड संघ डिंडौरी के द्वारा दिए गए ज्ञापन पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 के डी. एड. धारी उत्तीर्ण अभ्यार्थी है जो विगत दिनांक 11/08/2023 को साधिका क्र. 207043/2021 दवेश शर्मा विरुद्ध भारत सरकार में सुप्रीम कोर्ट ने बी.एंड. पात्रता धारी अभ्यार्थियों को प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिये अयोग्य घोषित कर दिया है।

प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 की प्रथम काउंसलिंग माननीय जबलपुर हाई कोर्ट की डबल बेंच याचिका क्र.595/2023 विपिन कुमार द्विवेदी विरुद्ध स्कूल शिक्षा विभाग म.प्र. एवं याचिका क. 13738/2022 केसरी नंदन साहू विरुद्ध स्कूल शिक्षा विभाग म.प्र. के तहत माननीय सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन थी। जिसमें प्रथम काउंसलिंग में प्राथमिक शिक्षक के लिये जारी विज्ञापन एवं नियुक्ति आदेशों में उपरोक्त भर्ती प्रक्रिया इस याचिका के अधीन रहने का उल्लेख किया गया है। प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 की द्वितीय कांउसलिंग को इंदौर हाई कोर्ट की खण्डपीठ में याचिका क्र.-13146 /2023 अंतिम धर्मा विवध स्कूल शिक्षा विभाग म.प्र. के तहत सुप्रिम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन कर दिया गया था। जिसमें द्वितीय काउंसलिंग में प्राथमिक शिक्षक के लिये जारी विज्ञापन एवं नियुक्ति आदेशों में उपरोक्त भर्ती प्रक्रिया इस याचिका के अधीन रहने का उल्लेख किया गया है। दिनांक 11/08/2023 को माननीय सुप्रिम कोर्ट में लंबित याचिका क्रमांक 207043/2021 का निर्णय घोषित कर दिया गया है, जिससे केन्द्र सरकार के 28/06/2018 की बो. प. को प्राथमिक शिक्षक में सम्मिलित करने वाली अधिसूचना को रद्द कर दिया है जिसके प्रभाव से बी.एड. पात्रता धारी अभ्यार्थी प्राथमिक शिक्षक बनने के लिये अयोग्य हो गये है। वही दिनांक10/08/2023 को द्वितीय काउंसलिंग के प्राथमिक शिक्षक के नियुक्ति आदेश जारी किये गये है। माननीय सुप्रिम कोर्ट के निर्णय के बाद दवितीय काउंसलिंग में बी.एड. पात्रका धारीयों के नियुक्ति आदेश जारी करना असंवैधानिक है। डीएड संघ का कहना है की सुप्रिम कोर्ट के निर्णय के पश्चात डी. एड. धारीयों के हितों को ध्यान में रखते हुये दद्वितीय काउंसलिंग में तत्काल बी.एड. धारीयों के प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति आदेश निरस्त किये जाये। अन्यथा डी.एड. धारीयों को न्यायालय अवमानना के परिपालन में न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।

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