जनपद पंचायत अमरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत खजरी माल का मामला-
डिंडौरी,रामसहाय मर्दन। शासन के द्वारा वित्तीय मामलों में पारदर्शिता के लिए चाहे कितने भी जतन कर लें लेकिन जिम्मेदारों की मिलीभगत से उनके तोड़ बिचौलिया निकाल ही लेते हैं। सरकारी राशि के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन ने भले ही बिलों कोआंनलाइन के जरियें भुगतान करना तय कर दिया हो। मगर जनपद पंचायत अमरपुर के नुमाइदों ने सारी गाइडलाइन को ठेंगा दिखाते हुए प्रशासन की मंशा पर पानी फेर दिया । दरअसल जनपद पंचायत अमरपुर के ग्राम पंचायत खजरी माल में सरपंच और सचिव ने सरकारी योजनाओं की राशि को फर्जी बिल बाउचर लगाकर फर्जी भुगतान किया जा रहा है।
बता दे कि ग्राम पंचायत खजरी माल के सचिव सुषमा धुर्वें और सरपंच बसंती सैयाम के द्वारा स्टेशनरी सामग्री, फोटो काॅफी, प्रिंट आउट, मटैरियल खरीदी के नाम पर सामग्री के कीमत से अधिक सप्लायरों को भुगतान किया गया, त्यौहार और उत्सव के नाम पर लाखों रुपए खर्च का बिल सरपंच व सचिव द्वारा सरकारी राशि को फिजूलखर्ची कर ठिकाने लगाया गया है।

ई—पंचायत भवन में उपलब्ध कम्प्यूटर, और फोटो काॅफी मशीन फिर भी लगाए जा रहेे हजारों रू. के फर्जी बिल…
बता दे कि ग्राम पंचायत खजरी माल में सचिव सुषमा धुर्वें और सरपंच बसंती सैयाम के द्वारा ई —पंचायत भवन में कम्प्यूटर सिस्टम और फोटो काॅफी मशीन उपलब्ध होने के बावजूद फोटो काॅफी और प्रिंट आउट के नाम पर हजारों रू. के फर्जी बिल का भुगतान किया गया। पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा एक ओर लाखों रू. के कम्प्यूटर सिस्टम और फोटो काॅफी मशीन सहित तमाम इलेक्ट्रॅनिक उपकरण खरीदने का बिल लगाकर भुगतान भी कराया गया। तो वंही दूसरी ओर इन्ही इलेक्ट्रॅनिक उपकारणों से होने वाले काम फोटो काॅफी, प्रिन्ट आउट सहित अन्य काम के नाम पर हजारों रू. का फर्जी बिलों का भुगतान भी किया जा रहा है। जिसे सरकारी पोर्टल पंचायत दर्पण में लगे बिल को देखा जा सकता।
निर्धारित कीमत से दुगने कीमत में खरीदी जा रही मैटेरियल….
सरकारी राशि का किस तरह बंदरबाट किया जाता है इसकी बानगी ग्राम पंचायत खजरी माल में सरपंच और सचिव के द्वारा निर्धारित कीमत से दुगने कीमत में किए गए बिल बाउचर को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। जहां सरपंच, सचिव के द्वारा निर्धारित कीमत से दुगने दाम में मैटेरियल खरीदी का भुगतान कर अपने चहेते सप्लायरों को आर्थिक लाभ पंहुचाया जा रहा। जो सरकारी पोर्टल पंचायत दर्पण में लगे बिल बाउचर को देखा जा सकता हैं। ऐसे-ऐसे बिल लग रहे है कि सीमेंट के दुकान से स्टेशनरी खरीदी जा रही है और किराना दुकान से रेत, लोहा, खरीदने के बिल पोर्टल में लगे और भुगतान हो रहे, आज कोई इन बिलों की रेख-देख नही कि जा रही और इन फर्जी बिलों से बेजा फर्जी भुगतान लिया जा रहा है कुछ बिल ऐसा भी है जो पोर्टल में बिल लगे है तारिक भी नहीं लिखा गया और बिलों को धुंधला कर दिया गया जो पढे भी नहीं जा सकते है। धुंधले और गलत GST नंबर वाले फर्जी बिलों के जरिए लाखों रू. का भुगतान किया जा रहा है।
गलत GST नंबर के बिलों में पंचायत के द्वारा किया जा रहा लाखों रू.का भुगतान
गौरतलब यह कि सरकार ने ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यो के भुगतान के लिए जीएसटी नंबर होना अनिवार्य किया है। इसके बाद भी ग्राम पंचायत खजरी माल में सरपंच,सचिव के द्वारा गलत जीएसटी नंबर में भुगतान कराया जा रहा है। सरकार ने पंचायतों में किए जा रहे भुगतानों में पारदर्शिता लाने के लिए जीएसटी नंबर अनिवार्य किया है, मगर ग्राम पंचायत खजरी माल में सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। जहां ग्राम पंचायत खजरी माल के सरपंच, सचिव के द्वारा मेसर्स नितिन ट्रेडर्स अमरपुर जिला डिंडौरी के द्वारा GSTIN :23GLG5585OF12W नंबर पर लाखों रू. के रेत, गिट्टी, ईंट, सरिया, सीमेंट सहित फोटो काफी , प्रिंट आउट के बिलों का भुगतान किया जा रहा है।

 

मेसर्स नितिन ट्रेडर्स अमरपुर जिला डिंडौरी का GSTIN :23GLG5585OF12W नंबर 14 अंको का है जिससे जीएसटी पोर्टल में सर्च कर देख जा सकता है। जबकि जीएसटी का नम्बर 15 अंको का होता है, लेकिन मेसर्स नितिन ट्रेडर्स अमरपुर जिला डिंडौरी का GSTIN :23GLG5585OF12W नंबर के 14 अंको को सर्च करने पर कोई जानकारी नहीं मिल रहा है। जिससे यह प्रतीत होता गलत जीएसटी पर ग्राम पंचायत खजरी सरपंच,सचिव के मनमानी तरीके से बिलों का भुगतान किया जा रहा है।
आखिर ज़िम्मेदार अधिकारी मौन क्यों❓
प्रशासन को चुनौती देते हुये अमरपुर जनपद के ग्राम पंचायत में बिल बाउचर के जरिए लाखों रू. का भुगतान किया जा रहा है। आखिर उपर बैठे उच्चाधिकारी इसको रोक क्यों नहीं पा रहे हैं यह भी एक बडा सवाल है कि कहीं उच्चाधिकारियों की रजामंदी से यह सब तो नहीं हो रहा है, शायद इसी वजह से उच्चधिकारी मौन रहते हैं, उपर बैठे अधिकारी पंचायतों के कर्मचारियों के काले कारनामों या धुंधले बिल, बिना समान खरीदे के बिल का कभी जांच तक नहीं करते है, कुल मिलाकर कार्रवाई न होना अधिकारियों के कमीशन की तरफ इशारा करता है। क्या आला अधिकारियों की मिलीभगत खुलेआम भ्रष्टाचार को छुपाने का यह खेल—खेला जा रहा है।
इनका कहना है “
आपके माध्यम से उक्त मामले की जानकारी मिली है , मैं आज ही ग्राम पंचायत खजरी जाकर बिल चैक कराता हूं।
रामजीवन वर्मा, सीईओ जनपद पंचायत अमरपुर,जिला डिंडौरी
editor

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