कंक्रीट की जगह पत्थर डालकर किया जा रहा लाखों रू. की लागत से घटिया स्टॉप डैम का निर्माण…
जिले के जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत खिरसारी के ग्राम जमुनिया में स्टॉप डैम निर्माण में भारी लापरवाही बरती जा रही है। सरपंच पुन्नू सिंह, सचिव राकेश कुमार ठाकुर ,रोजगार सहायक राम सिंह पाराशर और उपयंत्री संदीप शुक्ला के मिलीभगत से स्टॉप डैम निर्माण कार्य में भारी अनियमिताएं बरती जा रही हैं। जहां लाखों लागत से बन रहे स्टॉप डैम निर्माण में कंक्रीट की जगह बोल्डर उपयंत्री संदीप शुक्ला के इशारे में डाला जा रहा है।
डिंडौरी,रामसहाय मर्दन। अदिवासी बाहुल्य जिला डिंडौरी के जनपद पंचायत डिंडौरी क्षेत्र के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक व उपयंत्री की मिलीभगत से निर्माण कार्यों में भारी गडबडी कर सरकारी राशि का दुरुपयोग करने में आमादा है। एक तरफ सरकार के द्वारा निर्माण कार्यों को लेकर लाखों करोड़ो रू. खर्च कर रही है, किंतु जिम्मेदारों के द्वारा घटिया निर्माण कार्य कराते हुये स्वयं को आर्थिक लाभ पहुंचाया जा रहा है।
दरअसल ऐसा ही मामला जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत खिरसारी का सामने आया है। जहां ग्राम पंचायत खिरसारी के ग्राम जमुनिया में लाखों रू. की लागत से स्टॉप डैम निर्माण कार्य काराया जा रहा है। जहां निर्माण एजेंसी के द्वारा स्टॉप डैम निर्माण में कंक्रीट की जगह पत्थर,बोल्डर उपयंत्री संदीप शुक्ला के इशारे में डालकर पूरी तरह गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य कराया जा रहा हैं।
बता दे कि भ्रष्टाचार में लिप्त उपयंत्री संदीप शुक्ला आए दिनों पहले भी निर्माण कार्यों में मापदंडो को दरकिनार कर स्वयं को आर्थिक लाभ पहुचांने निर्माण कार्यों में अनियमिताएं बरतने के मामले में सुर्खियां बटोर चुके हैं। एक बार फिर निर्माण कार्य भ्रष्टाचार करने के मामले उपयंत्री संदीप शुक्ला ग्राम पंचायत खिरसारी के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की धांधली उजागर हुआ हैं।
वैसे कोई भी पक्का (कंक्रीट) निर्माण कार्य कराने के पहले निर्माण स्थल की मिट्टी, पत्थर की सफाई कराई जाती है,ताकि गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्य कराया जा सके,लेकिन ग्राम पंचायत खिरसारी में भ्रष्टाचार में लिप्त उपयंत्री, सरपंच,सचिव, और रोजगार सहायक के द्वारा मिलीभगत कर निर्माण कार्यों में कंक्रीट की जगह पत्थर डालकर घटिया निर्माण कार्य कराया जा रहा हैं। जिससे उक्त स्टॉप डैम कुछ दिनों में जर्जर हो टूट जाएगी। कहना गलत नहीं होगा कि विभागीय उदासीनता के चलते लाखों रू. की लागत से हो रहे निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे है।

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कंक्रीट की जगह पत्थर डालकर किया जा रहा लाखों रू. की लागत से घटिया स्टॉप डैम का निर्माण…जिले के जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत खिरसारी के ग्राम जमुनिया में स्टॉप डैम निर्माण में भारी लापरवाही बरती जा रही है। सरपंच पुन्नू सिंह, सचिव राकेश कुमार ठाकुर ,रोजगार सहायक राम सिंह पाराशर और उपयंत्री संदीप शुक्ला के मिलीभगत से स्टॉप डैम निर्माण कार्य में भारी अनियमिताएं बरती जा रही हैं। जहां लाखों लागत से बन रहे स्टॉप डैम निर्माण में कंक्रीट की जगह बोल्डर उपयंत्री संदीप शुक्ला के इशारे में डाला जा रहा है।डिंडौरी,रामसहाय मर्दन। अदिवासी बाहुल्य जिला डिंडौरी के जनपद पंचायत डिंडौरी क्षेत्र के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक व उपयंत्री की मिलीभगत से निर्माण कार्यों में भारी गडबडी कर सरकारी राशि का दुरुपयोग करने में आमादा है। एक तरफ सरकार के द्वारा निर्माण कार्यों को लेकर लाखों करोड़ो रू. खर्च कर रही है, किंतु जिम्मेदारों के द्वारा घटिया निर्माण कार्य कराते हुये स्वयं को आर्थिक लाभ पहुंचाया जा रहा है।दरअसल ऐसा ही मामला जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत खिरसारी का सामने आया है। जहां ग्राम पंचायत खिरसारी के ग्राम जमुनिया में लाखों रू. की लागत से स्टॉप डैम निर्माण कार्य काराया जा रहा है। जहां निर्माण एजेंसी के द्वारा स्टॉप डैम निर्माण में कंक्रीट की जगह पत्थर,बोल्डर उपयंत्री संदीप शुक्ला के इशारे में डालकर पूरी तरह गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य कराया जा रहा हैं।बता दे कि भ्रष्टाचार में लिप्त उपयंत्री संदीप शुक्ला आए दिनों पहले भी निर्माण कार्यों में मापदंडो को दरकिनार कर स्वयं को आर्थिक लाभ पहुचांने निर्माण कार्यों में अनियमिताएं बरतने के मामले में सुर्खियां बटोर चुके हैं। एक बार फिर निर्माण कार्य भ्रष्टाचार करने के मामले उपयंत्री संदीप शुक्ला ग्राम पंचायत खिरसारी के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की धांधली उजागर हुआ हैं।वैसे कोई भी पक्का (कंक्रीट) निर्माण कार्य कराने के पहले निर्माण स्थल की मिट्टी, पत्थर की सफाई कराई जाती है,ताकि गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्य कराया जा सके,लेकिन ग्राम पंचायत खिरसारी में भ्रष्टाचार में लिप्त उपयंत्री, सरपंच,सचिव, और रोजगार सहायक के द्वारा मिलीभगत कर निर्माण कार्यों में कंक्रीट की जगह पत्थर डालकर घटिया निर्माण कार्य कराया जा रहा हैं। जिससे उक्त स्टॉप डैम कुछ दिनों में जर्जर हो टूट जाएगी। कहना गलत नहीं होगा कि विभागीय उदासीनता के चलते लाखों रू. की लागत से हो रहे निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे है।जिन्हें भ्रष्टाचार रोकने की जिम्मेंदारी वहीं उपयंत्री पैसों के चमक के आगे नतमस्तक…..जिस तरह जिले के जनपद पंचायत डिंडौरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्य में लगातार अनिमित्ताएं सामने आ रही है। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि संबंधित उपयंत्री संदीप शुक्ला के द्वारा उक्त निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं कराया जा रहा है। जिला प्रशासन को चुनौती देते हुये डिंडौरी जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत खिरसारी के ग्राम जमुनिया में लाखों रू. की लागत से गुणवत्ताहीन स्टॉप डैम का निर्माण कार्य काराया जा रहा है।आखिर उपर बैठे उच्चाधिकारी निर्माण कार्यों में हो रहे भ्रष्टाचार को रोक क्यों नहीं पा रहे हैं। क्या पैसों के चमक के आगे जिम्मेंदार नतमस्तक हो चुके है? यह भी एक बडा सवाल है कि कहीं उच्चाधिकारियों की रजामंदी से यह सब तो नहीं हो रहा है, शायद इसी वजह से उच्चधिकारी मौन है। जबकि उपयंत्री एवं सहायक यंत्री को निर्माण कार्य की लगातार निरीक्षण करते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए गए है। किंतु मापदंड को दरकिनार करते हुए स्वयं को आर्थिक लाभ पहुंचने के चलते गुणवत्ताविहीन निर्माण कराया जाना प्रतीत होता है। जिसे देखकर लगता है कि जिम्मेदारों के द्वारा भ्रष्टाचार का गबन करने की आजादी दे दी गई है। शायद इसी वजह से उच्चधिकारी मौन रहते हैं, कुल मिलाकर कार्रवाई न होना अधिकारियों के कमीशन की तरफ इशारा करता है। क्या आला अधिकारियों की मिलीभगत खुलेआम भ्रष्टाचार को छुपाने का
यह खेल खेला जा रहा है।बिना सूचना पटल लगाए ही चल रहा लाखों रू. स्टॉप डैम निर्माण कार्य क्यों?ग्राम पंचायत खिरसारी में ग्राम पंचायत के द्वारा लाखों रू. की लागत से स्टॉप डैम कार्य काराया जा रहा है लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा निर्माण स्थल में सूचना पटल लगाना उचित ही नहीं समझा। जबकि कोई भी निर्माण कार्य प्रारंभ कराने से पहले निर्माण स्थल में सूचना पटल पर संबंधित निर्माण कार्य की जानकारी लिखना अनिवार्य है। किंतु जिम्मेदारों के द्वारा शासन के दिशा-निर्देशों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही रहे है। निर्माण स्थल में सूचना पटल नहीं होने के कारण ग्राम के आमजनों समेत अन्य लोंगो को उक्त पुलिया निर्माण की लागत एवं मद समेत अन्य जानकारी नहीं मिल पा रही है।वही उक्त निर्माण में हुई अनियमिताएं की जानकारी संबधित उपयंत्री संदीप शुक्ला देने से परहेज कर रहे है अखिर क्या कारण के उपयंत्री समेत ग्राम पंचायत के जिम्मेदार जानकारी देने से बच रहे है।इनका कहना है”उक्त मामले पर मैं संबंधित उपयंत्री और सचिव से बात करता हूं। निर्माण कार्य मे जो भी गड़बड़ी हुई है सुधार की जाएगी।
जिन्हें भ्रष्टाचार रोकने की जिम्मेंदारी वहीं उपयंत्री पैसों के चमक के आगे नतमस्तक…..
जिस तरह जिले के जनपद पंचायत डिंडौरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्य में लगातार अनिमित्ताएं सामने आ रही है। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि संबंधित उपयंत्री संदीप शुक्ला के द्वारा उक्त निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं कराया जा रहा है। जिला प्रशासन को चुनौती देते हुये डिंडौरी जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत खिरसारी के ग्राम जमुनिया में लाखों रू. की लागत से गुणवत्ताहीन स्टॉप डैम का निर्माण कार्य काराया जा रहा है।
आखिर उपर बैठे उच्चाधिकारी निर्माण कार्यों में हो रहे भ्रष्टाचार को रोक क्यों नहीं पा रहे हैं। क्या पैसों के चमक के आगे जिम्मेंदार नतमस्तक हो चुके है? यह भी एक बडा सवाल है कि कहीं उच्चाधिकारियों की रजामंदी से यह सब तो नहीं हो रहा है, शायद इसी वजह से उच्चधिकारी मौन है। जबकि उपयंत्री एवं सहायक यंत्री को निर्माण कार्य की लगातार निरीक्षण करते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए गए है। किंतु मापदंड को दरकिनार करते हुए स्वयं को आर्थिक लाभ पहुंचने के चलते गुणवत्ताविहीन निर्माण कराया जाना प्रतीत होता है। जिसे देखकर लगता है कि जिम्मेदारों के द्वारा भ्रष्टाचार का गबन करने की आजादी दे दी गई है। शायद इसी वजह से उच्चधिकारी मौन रहते हैं, कुल मिलाकर कार्रवाई न होना अधिकारियों के कमीशन की तरफ इशारा करता है। क्या आला अधिकारियों की मिलीभगत खुलेआम भ्रष्टाचार को छुपाने का
यह खेल खेला जा रहा है।
यह खेल खेला जा रहा है।
बिना सूचना पटल लगाए ही चल रहा लाखों रू. स्टॉप डैम निर्माण कार्य क्यों?
ग्राम पंचायत खिरसारी में ग्राम पंचायत के द्वारा लाखों रू. की लागत से स्टॉप डैम कार्य काराया जा रहा है लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा निर्माण स्थल में सूचना पटल लगाना उचित ही नहीं समझा। जबकि कोई भी निर्माण कार्य प्रारंभ कराने से पहले निर्माण स्थल में सूचना पटल पर संबंधित निर्माण कार्य की जानकारी लिखना अनिवार्य है। किंतु जिम्मेदारों के द्वारा शासन के दिशा-निर्देशों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही रहे है। निर्माण स्थल में सूचना पटल नहीं होने के कारण ग्राम के आमजनों समेत अन्य लोंगो को उक्त पुलिया निर्माण की लागत एवं मद समेत अन्य जानकारी नहीं मिल पा रही है।
वही उक्त निर्माण में हुई अनियमिताएं की जानकारी संबधित उपयंत्री संदीप शुक्ला देने से परहेज कर रहे है अखिर क्या कारण के उपयंत्री समेत ग्राम पंचायत के जिम्मेदार जानकारी देने से बच रहे है।
इनका कहना है”
उक्त मामले पर मैं संबंधित उपयंत्री और सचिव से बात करता हूं। निर्माण कार्य मे जो भी गड़बड़ी हुई है सुधार की जाएगी।


