आम रसोई का बजट बिगड़ा, 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर पर ₹29 की बढ़ोतरी
साईडलुक, डेस्क। देशभर के करोड़ों परिवारों को महंगाई का एक और झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹29 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 7 जून 2026 से लागू हो गई हैं। यह पिछले तीन महीनों में घरेलू गैस की दूसरी बड़ी वृद्धि मानी जा रही है।
केंद्र सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बढ़ती लागत तथा वैश्विक आपूर्ति संबंधी दबावों के कारण कीमतों में संशोधन आवश्यक हो गया था।
मध्यप्रदेश में कितना हुआ नया रेट?
भोपाल सहित मध्यप्रदेश के अधिकांश शहरों में 14.2 किलोग्राम घरेलू LPG सिलेंडर का दाम लगभग ₹918.50 से बढ़कर ₹947.50 के आसपास पहुंच गया है। अर्थात राज्य के उपभोक्ताओं को अब प्रत्येक सिलेंडर पर लगभग ₹29 अधिक भुगतान करना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों पर इसका सीधा असर पड़ेगा क्योंकि घरेलू खर्च का बड़ा हिस्सा रसोई ईंधन पर निर्भर है।
पिछले वर्षों में कैसे बढ़े LPG के दाम?
एलपीजी की कीमतों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
कोविड काल के बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस बाजार में तेजी आने से 2021 और 2022 में गैस सिलेंडर के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। 2023 में कुछ राहत मिली, लेकिन 2024 और 2025 के दौरान कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं। 2026 में मार्च महीने में लगभग ₹60 की वृद्धि हुई थी और अब जून में फिर ₹29 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति की अनिश्चितता का सीधा प्रभाव भारत के LPG बाजार पर पड़ रहा है।
जनता की जेब पर कितना असर?
यदि कोई परिवार वर्षभर में औसतन 10 से 12 सिलेंडर का उपयोग करता है, तो नई बढ़ोतरी के बाद उसे सालाना लगभग ₹290 से ₹350 अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है।
मध्यम वर्ग के साथ-साथ उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए भी यह वृद्धि चिंता का विषय मानी जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से सब्सिडी संबंधी किसी नई घोषणा की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
विपक्ष ने साधा निशाना
एलपीजी मूल्य वृद्धि को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। विभिन्न विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। वहीं सरकार समर्थक विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण कीमतों में दबाव बढ़ा है।
आगे क्या हो सकता है?
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस की कीमतों में स्थिरता नहीं आती है, तो आने वाले महीनों में LPG दरों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। दूसरी ओर यदि वैश्विक बाजार में राहत मिलती है तो कीमतों में स्थिरता या कमी की संभावना भी बन सकती है।
घरेलू LPG सिलेंडर पर ₹29 की नई वृद्धि ने देशभर के परिवारों की रसोई का बजट प्रभावित किया है। मध्यप्रदेश में भी उपभोक्ताओं को अब लगभग ₹947.50 प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर चुकाना पड़ सकता है। लगातार बढ़ती ऊर्जा लागत और वैश्विक परिस्थितियों के बीच आम उपभोक्ता फिलहाल राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं।

