डिंडौरी| जिले की कलेक्टर नेहा मारव्या सिंह ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त रूख अपनाया है। कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर के निर्देश के बाद करंजिया विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने आदेश जारी कर सभी प्राथमिक, माध्यमिक एवं एकीकृत शालाओं में अब समय पालन और शाला से जुड़े दस्तावेजों का संधारण अनिवार्य कर दिया गया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी निर्देश में शिक्षकों को स्पष्ट किया गया है कि नियमित रूप से निर्धारित समय पर शाला संचालन करें और समस्त अभिलेख अद्यतन रखें। निर्देश के अनुसार सभी शिक्षक प्रातः 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक शाला में उपस्थित रहेंगे। बिना पूर्व स्वीकृति के अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की जाएगी। आकस्मिक या अन्य अवकाश हेतु पंजी संधारित करना और पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य किया गया है।
शाला में सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे — छात्र पंजी, शिक्षक पंजी, अवकाश पंजी, स्टॉक पंजी, एमडीएम पंजी, निरीक्षण पंजी, गणवेश पंजी, सायकिल वितरण पंजी, शाला त्यागी पंजी, केशबुक, बिल-वाउचर, छात्रवृत्ति पंजी सहित कुल 24 से अधिक पंजी शाला में पूर्ण एवं अद्यतन रखना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही पाठ्य पुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, मध्यान्ह भोजन संचालन एवं उपस्थिति फीडिंग भी समय-सीमा में करना अनिवार्य किया गया है।
शालाओं को निर्देशित किया गया है कि यदि किसी शाला में निर्धारित दस्तावेज 03 दिवस के अंदर पूर्ण नहीं किये जाते या निरीक्षण के दौरान दस्तावेज अनुपलब्ध पाये जाते हैं तो संबंधित प्रधानपाठक व शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्वयं शिक्षकों की होगी।



