डिंडौरी। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक शिक्षा अभियान मिशन संचालक एवं कलेक्टर नेहा मारव्या सिंह ने सार्थक एप पर शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य करने के आदेश जारी किए हैं।
सार्थक एप से होगी निगरानी
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पाया कि कई शिक्षक अन्यत्र स्थानों से उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं, जिससे स्कूल संचालन में अनियमितताएं हो रही हैं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि शिक्षक स्वयं स्कूल परिसर से ही उपस्थिति दर्ज करें।
सार्थक एप के माध्यम से शिक्षकों को स्कूल आने और जाने का समय दर्ज करना होगा और दिनभर की गतिविधियों को फोटो सहित एप पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। साथ ही, यदि कोई शिक्षक अन्य स्थानों से चेक-इन या चेक-आउट करता है, तो उसे अपनी गतिविधि और कार्य की फोटो अपलोड करनी होगी। एप में जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए शिक्षकों की लोकेशन की निगरानी की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर सीधे ऑनलाइन कार्रवाई की जाएगी।
1 अप्रैल से नया नियम होगा लागू
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2025 से नए शिक्षा सत्र में इस नियम का सख्ती से पालन किया जाएगा। शिक्षकों को छुट्टी के आवेदन भी सक्षम अधिकारी से स्वीकृत कराकर सार्थक एप पर अपलोड करना होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
27 मार्च 2025 को जन शिक्षा केंद्र करंजिया में इस संबंध में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनशिक्षक सुनील नामदेव और अशोक साहू ने शिक्षकों को सार्थक एप पर उपस्थिति दर्ज करने और अन्य आवश्यक गतिविधियों को अपडेट करने के तरीके समझाए।
यह आदेश शिक्षकों की अनुशासनहीनता पर रोक लगाने और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



