डिण्डौरी,रामसहाय मर्दन| मीडिया सेल प्रभारी मनोज कुमार वर्मा, अभियोजन अधिकारी द्वारा बताया गया कि, थाना डिण्डौरी के अप0क्र0 919/2020 सत्र प्रकरण क्रमांक 47/2022 के आरोपी अंशकुमार परस्ते पिता मंगल सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी देवरी माल थाना डिण्डौरी जिला डिण्डौरी को नाबालिग बालिका के साथ घर में घुसकर जबरदस्ती गलत काम (बलात्कार) करने तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में न्यायालय कमलेश कुमार सोनी, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डिण्डौरी द्वारा आरोपी को धारा 450 भादवि के अपराध के लिए 07 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000/- का अर्थदण्ड, धारा 376(1) भादवि के अपराध के लिए 10 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000/- का अर्थदण्ड, धारा 506 भाग-2 भादवि के अपराध के लिए 01 वर्ष कठोर कारावास एवं 500/- का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया, अर्थदण्ड की राशि अदा न करने पर क्रमश: 02 माह, 02 माह एवं 01 माह अतिरिक्त कठोर कारावास भुगताये जाने का आदेश पारित किया गया । शासन की ओर से श्री मनोज कुमार वर्मा, विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट द्वारा मामले का सशक्त संचालन किया गया ।
घटना का संक्षिप्त विवरण
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, दरअसल शिकायतकर्ता के दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता ग्राम देवरी माल 11वी छात्रा है । वह अपने घर मे अकेली थी माता पिता भाई दूज में मामा के यह सुबखार गये थे तभी दोपहर करीबन 3 बजे गाँव का अंशकुमार घर के अंदर घुसकर अंदर से दरवाजा बंद कर दिया और जबरजस्ती नाबालिक के साथ गलत काम (बलात्कार) किया।

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डिण्डौरी,रामसहाय मर्दन| मीडिया सेल प्रभारी मनोज कुमार वर्मा, अभियोजन अधिकारी द्वारा बताया गया कि, थाना डिण्डौरी के अप0क्र0 919/2020 सत्र प्रकरण क्रमांक 47/2022 के आरोपी अंशकुमार परस्ते पिता मंगल सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी देवरी माल थाना डिण्डौरी जिला डिण्डौरी को नाबालिग बालिका के साथ घर में घुसकर जबरदस्ती गलत काम (बलात्कार) करने तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में न्यायालय कमलेश कुमार सोनी, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डिण्डौरी द्वारा आरोपी को धारा 450 भादवि के अपराध के लिए 07 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000/- का अर्थदण्ड, धारा 376(1) भादवि के अपराध के लिए 10 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000/- का अर्थदण्ड, धारा 506 भाग-2 भादवि के अपराध के लिए 01 वर्ष कठोर कारावास एवं 500/- का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया, अर्थदण्ड की राशि अदा न करने पर क्रमश: 02 माह, 02 माह एवं 01 माह अतिरिक्त कठोर कारावास भुगताये जाने का आदेश पारित किया गया । शासन की ओर से श्री मनोज कुमार वर्मा, विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट द्वारा मामले का सशक्त संचालन किया गया ।घटना का संक्षिप्त विवरणघटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, दरअसल शिकायतकर्ता के दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता ग्राम देवरी माल 11वी छात्रा है । वह अपने घर मे अकेली थी माता पिता भाई दूज में मामा के यह सुबखार गये थे तभी दोपहर करीबन 3 बजे गाँव का अंशकुमार घर के अंदर घुसकर अंदर से दरवाजा बंद कर दिया और जबरजस्ती नाबालिक के साथ गलत काम (बलात्कार) किया।मुँह में कपडा बांध दिया जिससे पीड़िता चिल्ला नही सके और अंशकुमार पीड़िता के साथ गलत किया। किसी को बताने पर जान से खत्म कर दूंगा की धमकी दिया गया। वही फिर कुछ समय बाद पीड़िता के मम्मी पापा आ गये बाहर से दरवाजा खटखटाए तो अंशकुमार दरवाजा खोला और बोला कि कुछ काम से आया था और वहाँ से चला गया। डर के कारण पीड़िता अपने मम्मी पापा को कुछ नही बताई। तबीयत खराब होने पर मम्मी पापा घटना की सारी बात बताई। जिसके बाद पीडिया के द्वारा अपने मम्मी पापा के साथ अंशकुमार की रिपोर्ट थाना जाकर कराई गई। जहां उक्त आवेदन के पत्र के आधार पर अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया । विवेचना में संकलित साक्ष्य के आधार पर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया । तदुपरांत अभियोजन के साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय कमलेश कुमार सोनी, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डिण्डौरी द्वारा उपरोक्तानुसार दण्ड से दण्डित किया गया ।
मुँह में कपडा बांध दिया जिससे पीड़िता चिल्ला नही सके और अंशकुमार पीड़िता के साथ गलत किया। किसी को बताने पर जान से खत्म कर दूंगा की धमकी दिया गया। वही फिर कुछ समय बाद पीड़िता के मम्मी पापा आ गये बाहर से दरवाजा खटखटाए तो अंशकुमार दरवाजा खोला और बोला कि कुछ काम से आया था और वहाँ से चला गया। डर के कारण पीड़िता अपने मम्मी पापा को कुछ नही बताई। तबीयत खराब होने पर मम्मी पापा घटना की सारी बात बताई। जिसके बाद पीडिया के द्वारा अपने मम्मी पापा के साथ अंशकुमार की रिपोर्ट थाना जाकर कराई गई। जहां उक्त आवेदन के पत्र के आधार पर अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया । विवेचना में संकलित साक्ष्य के आधार पर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया । तदुपरांत अभियोजन के साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय कमलेश कुमार सोनी, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डिण्डौरी द्वारा उपरोक्तानुसार दण्ड से दण्डित किया गया ।


