मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के ग्राम पंचायत गीधा, जनपद पंचायत बजाग में पदस्थ सचिव और ग्राम रोजगार सहायक पर ग्रामीणों की शिकायतों के बाद जिला पंचायत डिंडौरी ने सख्त कार्रवाई की है।
ग्राम पंचायत गीधा के निर्वाचित पंचगणों ने जिला पंचायत कार्यालय में उपस्थित होकर सचिव लाल सिंह और ग्राम रोजगार सहायक जनपद सिंह उइके के विरुद्ध गंभीर शिकायतें प्रस्तुत की थीं।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि दोनों सचिव-रोजगार सहायक के द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में नियोजित श्रमिकों को समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे श्रमिकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही योजनाओं की राशि का दुरुपयोग कर निर्माण कार्य अनुपयोगी एवं अनुपयुक्त स्थानों पर कराए गए, जिनसे ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला। ग्रामीणों द्वारा आपत्ति जताने पर दोनों का रवैया दबंगईपूर्ण बताया गया।
सचिव लाल सिंह पर कार्रवाई
जिला पंचायत डिंडौरी ने सचिव लाल सिंह को पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर निराकरण न करने और नियमों के उल्लंघन का दोषी मानते हुए मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और मुख्यालय जनपद पंचायत बजाग निर्धारित किया गया है।
रोजगार सहायक जनपद सिंह उइके पर कार्रवाई
वहीं ग्राम रोजगार सहायक जनपद सिंह उइके के विरुद्ध भी गंभीर आरोप पाए जाने पर उनके खिलाफ जांच समिति गठित की गई है। जांच समिति में सीईओ जनपद पंचायत बजाग, सहायक यंत्री एवं एपीओ मनरेगा अमरपुर शामिल हैं।
जांच पूरी होने तक जनपद सिंह उइके को शासकीय कार्यों से विरत रखा गया है और नियमों के अनुसार उन्हें मासिक पारिश्रमिक का केवल 50 प्रतिशत ही प्राप्त होगा। इस दौरान उन्हें जनपद पंचायत बजाग में संलग्न किया गया है।

