साईडलुक, जबलपुर। संकल्प पूर्ति के सत्कर्म करना चाहिए क्योंकि संकल्पों को पूरा करने जीवन में सत्कर्म ही सिध्दि का मार्ग सरल करते हैं। ज्ञान और भक्ति को पाने श्रीमद् भागवत महापुराण कलयुग में एकमात्र उपाय है। क्योंकि श्रीमद् भागवत महापुराण श्रीकृष्ण का वांग्मय स्वरुप है।
भगवान की कथा जहां भी होती है वह भक्ति ज्ञान गंगा का पावन तट होता है। तीनों लोक उस स्थान पर पहुंचते हैं। श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से परमानंद की प्राप्ति होती है। जीव जब अपना तन मन धन सर्वस्व समर्पण भगवान को कर देता है, तब जीव का संपूर्ण जीवन भार भगवान स्वयं उठाते हैं।
साबुन से तन की साफ सफाई स्वच्छता हो सकती है लेकिन मन को स्वच्छ करने सिर्फ भगवन नाम सुमिरन और श्रीमद् भागवत कथा श्रवण ही है। इसलिए हर पल भगवान का नाम जपना चाहिए, श्रावण मास के पावन अवसर पर सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस श्रीमद् जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर पूज्य डॉ. नरसिंह दास देवाचार्य महाराज ने श्रीराम मंदिर मदन महल में कहे।
श्रीमद् भागवत महापुराण में गीता पांडे, नीरा गुलशन मखीजा, विजया अरोरा, पार्षद निशा राठौड़, पार्षद प्रतिभा भापकर, संगीता शर्मा, नीरु, मनोज शर्मा, प्रवीण गुलाटी, सोनिया जितिन नारंग, रमेश शर्मा, देवबाला चौबे, सोनाली बरसैंया, सुनीता मनीष पोपली, अनीता अग्रवाल, मीना मेंहदीरत्ता, सविता भाटिया, भावना मेहरोत्रा, शालू कपूर, प्रवेश खेड़ा, जगदीश साहू, विष्णु पटेल, विध्येश भापकर, अनिल चंडोक सहित श्रीराम मंदिर मदन महल महिला समिति ने किया है।
श्रीराम मंदिर मदन महल में 31 से 7 अगस्त तक दोपहर 3 बजे से आयोजित है।

