क्या भ्रष्ट सरपंच—सचिव को बचाने में जुटे अधिकारी….?
5 किमी दूर जांच करने नहीं पहुंच पा रहे जिम्मेदार….
जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत औरई मामला…
डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन इन दिनों डिंडौरी जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में सरपंच—सचिव और उपयंत्री की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्य चरम पर है। बता दे कि जनपद पंचायत डिंडौरी के ग्राम पंचायत औरई में लाखों रू. की लागत से नवनिर्मित चैकडैम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। निर्माण के महज चंद दिनों में नव निर्मित चैकडैम के दीवार से पानी तेजी से लीकेज हो रहा है।
गौरतलब यह कि ग्राम पंचायत औरई में वित्तीय वर्ष 2024/25 में मनरेगा योजना से ग्राम पंचायत के द्वारा चानी टोला के किरहा नाला में 12 लाख रुपए खर्च कर चैकडैम का निर्माण इतना घटिया स्तर का कराया गया है कि चंद दिनों में ही निर्माण कार्य में हुई भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है। बता दें कि लाखों रुपए की लागत से निर्मित चैकडैम की दीवार से पानी तेजी से लीक होकर बह रही है। वहीं मजे की बात यह कि ग्राम पंचायत सचिव राकेश सिंह परस्ते का कहना कि चैकडैम का निर्माण संबंधित उपयंत्री राजाराम पटेल के मार्गदर्शन में कराया गया है। वही उपयंत्री का कहना कि गड़बड़ी हुई है उसे सुधार की जाएगी।
अब सवाल यह उठता है कि जब सरपंच-सचिव और उपयंत्री को पता है कि चैकडैम का निर्माण मापदंड की विपरीत और घटिया हुआ है तो मूल्यांकन नहीं करना था और भुगतान रोक देनी थी लेकिन अपने चहेते ठेकेदार को लाखों रुपए का भुगतान कर शासन को चूना लगाया गया है। वहीं चैकडैम की दुर्दशा देखकर कहना गलत नहीं होगा कि सरपंच-सचिव और उपयंत्री ने मिलीभगत कर अपने चहेते ठेकेदार को आर्थिक लाभ पहुंचाने की मंशा से शासन को लाखों रुपए का चपत लगाया जा रहा है। शायद यही वजह कि उपयंत्री राजाराम पटेल के द्वारा लाखों रुपए की लागत से निर्मित चैकडैम में तबज्जो नहीं दिया जा रहा है। जिसका ठेकेदार खुलकर फायदा उठा रहा है।
खबर प्रकाशित होने के बाद लीपापोती…..
बता दे कि चैकडैम में हुई अनियमितता को लेकर “साईड लुक न्यूज “में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी,इसके बाद सरपंच ,सचिव और उपयंत्री के द्वारा चैकडैम में की गई गड़बड़ी को छिपाने लीपापोती करने में जुट गए है।

क्या उपयंत्री घर बैठे कर दिया मूल्यांकन.…
बता दें कि ग्राम पंचायत औरई के चानी टोला के किरहा नाला में लाखों रुपए की लागत से नवनिर्मित चैकडैम की दुर्दशा देखकर आप सहज ही अंदाजा लगा सकते है कि किस कदर जिम्मेदारों के द्वारा अनियमितताएं बरती गई, तभी तो निर्माण के चंद दिनों में ही चैकडैम की दीवार से जगह – जगह पानी तेजी से लीकेज हो रहा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या उपयंत्री के द्वारा निर्माण कार्य का मूल्यांकन घर बैठे ही किया जा रहा है, तभी तो घटिया और मानकविहान निर्माण चैक डैम का मूल्यांकन कर सामग्री के नाम पर भुगतान करने के फिराक में है। वहीं कुछ बिलों का भुगतान भी कर दिया गया है।

करप्शन की जांच करने में हीलाहवाली…..
विगत दिनों जनपद पंचायत डिंडौरी के ग्राम पंचायत औरई में लाखों रु की लागत से नवनिर्मित चैकडैम का निर्माण कराया गया है, जहां से पानी का रिसाव तेजी से हो रही है। वहीं जब मामले को लेकर जनपद सीईओ निखलेश कटारे से बात की गई तो उन्होंने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की बात कही गई थी। वहीं जब आगे कार्रवाई को लेकर पुनः जनपद सीईओ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि चैकडैम में हुई गड़बड़ी की जांच आरईएस विभाग के द्वारा किया जा रही है।
मजे की बात यह कि आरईएस विभाग को चैकडैम में हुई गड़बड़ी की जांच तो दूर की बात है उन्हें मामले की जानकारी तक नहीं है, यह हम नहीं बल्कि खुद आरईएस विभाग के कार्यपालन यंत्री दीपक आर्मो ने कहा है कि उन्हें इस संबंध में जांच करने के लिए कोई पत्र या जानकारी नहीं दिया गया है तो सवाल यह उठता कि क्या विगत एक माह से जांच के नाम पर जिम्मेदारों के द्वारा सिर्फ हीलाहवाली की जा रही है।
जिम्मेदार अधिकारियों की यह रवैया देख कर कहना गलत नहीं होगा कि ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्यों में जिम्मेदारों के द्वारा कोई रुचि नहीं ली जा रहा है, या कहे कि भृष्ट लोंगो को बचाकर अभयदान देने का प्रयास किया जा रहा है।
जबकि जिम्मेदारों को निर्माण कार्यों में हो रही अनियमितता की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन यहां इसके विपरीत हो रहा है। जनपद पंचायत के जिम्मेदारों के द्वारा जांच कराने की बात आरईएस विभाग को थोपा जा रहा है तो वहीं आरईएस विभाग के अधिकारी भी जांच की बात से पल्ला झाड़ रहे है। आखिर क्या कारण है कि भ्रष्टाचार की जांच करने में जिम्मेदार अधिकारी हीलाहवाली कर रहे है।




