डिंडौरी। पैरों से चलने में असमर्थ 12 वर्षीय कमलवती, पिता प्रताप सिंह, निवासी मोचा रैयत (ग्राम पंचायत सिलहरी) अपने परिजनों के साथ बैसाखी प्राप्त करने जिला पंचायत कार्यालय पहुँची। बच्ची की गंभीर शारीरिक स्थिति को देखते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और त्वरित सहायता उपलब्ध कराई।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी ने मामले को तुरंत संज्ञान में लेते हुए जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की सुश्री रुचि विनोदिया एवं सामाजिक न्याय विभाग के राहुल शर्मा को कार्यालय बुलाया। दोनों अधिकारियों को कमलवती के इलाज, चिकित्सकीय मूल्यांकन तथा आवश्यक सहायता तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान डिंडौरी विधायक ओमकार मरकाम भी मौजूद रहे। उन्होंने बालिका की स्थिति की जानकारी लेकर जिला प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
प्रकरण के तहत कमलवती का दिव्यांग मेडिकल प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की गई। साथ ही मौके पर ही व्हीलचेयर एवं सहारे के लिए स्टिक उपलब्ध कराई गई। जिला पंचायत की ओर से कमलवती और उसके परिजनों को उनके गृह ग्राम सिलहरी, मोचा रैयत सुरक्षित पहुँचाने हेतु वाहन की भी व्यवस्था की गई, जिससे परिवार को विशेष राहत मिली। मुख्य कार्यपालन अधिकारी चौधरी द्वारा बालिका के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था कर मानवीय संवेदनशीलता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया। प्रशासन की इस त्वरित मदद से बालिका के परिवार ने आभार व्यक्त किया।

