जनपद पंचायत डिण्डौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत पोंडी माल का मामला…
डिंडौरी, रामसहाय मर्दन| मध्यप्रदेश शासन के पंचायती ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से एक आदेश जारी कर महिला सरपंच होने पर उसके पति के शासकीय कार्यक्रमों में शामिल होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।यदि चुनी हुई महिला सरपंच के स्थान पर उसके पति शासकीय कार्यालयों में जाते हैं और अनावश्यक रूप से शासकीय कार्यों में बांधा पैदा करते हैं तो ऐसी चुनी हुई सरपंचों को उसके पद से हटाने का भी निर्देश है। इसके बावजूद डिंडौरी जिले में सरपंच पतियों का सरकारी कार्यों में खुलेआम दखलअंदाजी करना आम बात सी हो गई।
ये रहा पूरा मामला…
दरअसल ऐसा ही मामल डिंडौरी जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत पोंडी माल का मामला प्रकाश में आया है जहां विगत दिनों स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत की जिम्मेदारों के द्वारा शासन के निर्देशों का अवहेलना करते हुए ग्राम पंचायत सरपंच की गैर मौजूदगी में सरपंच पति ने द्वारा ध्वजारोहण किया।
सोशल मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद, सीईओ ने नोटिस किया जारी…
बता दें कि उक्त मामले को लेकर जब तमाम सोशल मीडिया न्यूज़ प्लेटफार्म पर खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिस पर संज्ञान लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी निखिलेश कटारे जनपद पंचायत डिण्डौरी के द्वारा सरपंच ,सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल जबाव तलब किया गया है साथ ही
जारी आदेश के मुताबिक…
जनपद पंचायत सीईओ के द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र में उल्लेख किया गया है कि शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश है कि ध्वजा रोहण कार्यक्रम स्थानीय जनप्रतिनिधि के माध्यम से कराया जावे । ध्वजा रोहण के दौरान पूर्व से शासन द्वारा जारी दिशा—निर्देशों का पालन का पूर्ण ध्यान रखा जावे , लेकिन आपके ग्राम पंचायत में अंतर्गत प्रकाशित खबर में सरपंच पति द्वारा ध्वजारोहण किये जाने का उल्लेख है जो कि आपकी घोर लापरवाही को उजागर करता है। इससे स्पष्ट होता है कि आपको वरिष्ठ कार्यालय द्वारा दिये गये निर्देषों को कोई प्रभाव नहीं पडता । इसलिए आपको उक्त कृत्य आपके स्वेच्छाचारिता को प्रदर्षित करता है। जो कि आपके पदीय दायित्वों के निर्वहन के विपरीत है। क्यों न आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाई हेतु वरिष्ठ कार्यालय को लेख किया जावे।तदसंबंध में आप तत्काल अपना जबाव अधोहस्ताक्षरकर्ता को प्रेषित करें। अन्यथा की स्थिति में आपके विरूद्ध भर्ती एवं सेवा अधिनियम एवं मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 की धारा 22(1) के खुला उल्लघन एवं मध्यप्रदेष पंचायत राज्य अधिनियम 1993 की धारा 40 का उल्लघन माना जाकर एक पक्षीय कार्यवाई हेतु वरिष्ठ कार्यालय को लेख किया जावेगा । जिसकी सम्पूर्ण जबावदारी आपकी स्वयं की होगी ।



