ट्रंप बोले- नेतन्याहू के पास समझौता मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं, ईरानी मिसाइल हमले के बाद फोन पर दी नसीहत- जवाबी कार्रवाई न करें
साईडलुक, डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कड़ा संदेश दिया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि वॉशिंगटन ईरान के साथ जो भी समझौता करेगा, नेतन्याहू को उसे स्वीकार करना ही होगा। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में अंतिम फैसला केवल वही लेंगे।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए टेलीफोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “उसके नेतन्याहू के पास कोई विकल्प नहीं होगा। मैं ही सारे फैसले लेता हूं। सारे फैसले मैं ही लेता हूं। वो फैसले नहीं लेते।” ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि ईरान के हालिया मिसाइल हमलों से अमेरिका-ईरान वार्ता को समाप्त करने की उनकी इच्छा में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा, “इसका डील पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
मिसाइल हमले के बाद फोन पर दी चेतावनी
ट्रंप का यह बयान उस वक्त आया जब रविवार 7 जून 2026 और सोमवार 8 जून 2026 को ईरान ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह 8 अप्रैल 2026 को हुए युद्धविराम के बाद ईरान का पहला सीधा हमला था। हमले के तुरंत बाद ट्रंप ने नेतन्याहू से फोन पर बात की। अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के हवाले से वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि वह ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई न करें। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को बताया, “आपने अपनी मिसाइलें दाग दीं, अब बहुत हुआ। टेबल पर वापस आओ और डील करो।”
“हर किसी ने अपना मजा ले लिया”
ट्रंप ने कहा कि ईरानी हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने उम्मीद जताई कि इजरायल जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा। ट्रंप ने कहा, “अगर बिबी नेतन्याहू ने पलटवार किया तो यह सिलसिला पिछले 47 साल या पिछले 3,000 साल की तरह चलता रहेगा।” उन्होंने जोड़ा, “हर किसी ने अपना मजा ले लिया। इजरायल ने अपना हमला किया, और ईरान ने अपना हमला किया। हमें अब दूसरे की जरूरत नहीं है।”
समझौता इसी हफ्ते संभव : ट्रंप
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ईरान के साथ समझौते के बहुत करीब है। उन्होंने कहा, “हम बहुत करीब हैं। मैं कहूंगा कि इस आने वाले हफ्ते के सोमवार, मंगलवार या बुधवार को समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। और अब यह हो गया।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि डील अपने गुण-दोष के आधार पर ही होगी। “मैं सोचता हूं कि डील चल रही है। हम देखेंगे क्या होता है,” ट्रंप ने कहा।
इजरायल ने फिर भी किया हमला
ट्रंप की चेतावनी के कुछ घंटों बाद ही इजरायली वायुसेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में आईआरजीसी से जुड़े सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इजरायल ने कहा कि यह कार्रवाई ईरानी मिसाइल हमले के जवाब में की गई। हालांकि इजरायली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नेतन्याहू ने पहले ट्रंप के अनुरोध को “छद्म रूप से” स्वीकार कर लिया था।
पृष्ठभूमि: तीन महीने से जारी तनाव
अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच तनाव पिछले तीन महीने से जारी है। 8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम हुआ था। इसके बाद रविवार को बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकाने पर इजरायली हमले के जवाब में ईरान ने मिसाइलें दागी थीं। ट्रंप प्रशासन इस युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने के लिए तेहरान से सीधी बात कर रहा है।
नेतन्याहू का रुख
इससे पहले नेतन्याहू ने कहा था कि उनकी और ट्रंप की नीति एक जैसी है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा। हालांकि इजरायल को आशंका है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ केवल परमाणु कार्यक्रम तक सीमित समझौता कर सकता है और बैलिस्टिक मिसाइल व क्षेत्रीय गुटों के मुद्दे छोड़ सकता है।
यह पूरा घटनाक्रम 8 जून 2026 का है जब ट्रंप ने ये बयान दिए और ईरान-इजरायल के बीच मिसाइल हमले हुए।

