डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन| जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत नेवासा में मनरेगा योजना के तहत निर्मित किए जा रहे सामुदायिक खेत तालाब निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों बलदेव सिंह सैयाम, दशरथ सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र और देवलाल ने आरोप लगाया है कि योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने की बजाय काम मशीनों से कराया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह योजना बेरोजगार ग्रामीणों को रोजगार देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, लेकिन सरपंच और पंचायत सचिव ने नियमों को ताक पर रखकर मशीनों से कार्य कराना शुरू कर दिया है। इससे मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा और वे काम की तलाश में शहरों की ओर पलायन को मजबूर हैं।
पंचायत सचिव लाला राम का तर्क है कि मजदूर काम करने नहीं आ रहे, जबकि हकीकत यह है कि उन्हें काम ही नहीं दिया जा रहा। इस पर विभागीय अधिकारियों की भी चुप्पी सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि मनरेगा जैसी रोजगार योजना का उद्देश्य पूरी तरह से साकार हो सके।



