सेवानिवृत्त शिक्षिका के दुख की घड़ी में आजाद अध्यापक संघ बना संबल, सहयोग राशि प्रदान कर दिखाई संवेदनशीलता…
डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन। सेवानिवृत्त शिक्षिका श्रीमती मणि नामदेव के जीवन में एक के बाद एक दुखद घटनाओं ने गहरा असर डाला है। रयपुरा संकुल से अप्रैल 2025 में सेवानिवृत्त हुईं प्राथमिक शिक्षिका श्रीमती नामदेव के पति और बड़े बेटे का पहले ही निधन हो चुका था। दुर्भाग्यवश 19 मई को उनके छोटे बेटे का भी बीमारी के कारण निधन हो गया। इन त्रासद घटनाओं के बीच अभी तक उन्हें सेवानिवृत्ति से संबंधित क्लेम और पेंशन की राशि नहीं मिल पाई है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही हैं।
इस पीड़ादायक स्थिति की जानकारी जब आजाद अध्यापक/शिक्षक संघ के सदस्यों को मिली, तो संगठन के सदस्यों ने मानवीय पहल करते हुए सहयोग राशि एकत्र की। शुक्रवार, 27 जून को रायपुरा संकुल के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा 18,600 रुपये की सहयोग राशि श्रीमती मणि नामदेव को उनके घर जाकर ससम्मान भेंट की गई।इस अवसर पर आजाद अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष देवेंद्र दीक्षित, पुरुषोत्तम लाल विश्वकर्मा, क्लेश ठाकुर, प्रफुल्ल कुमार शुक्ला, श्रीमती दीपमाला गुप्ता, सुश्री संतोष रघुवंशी, श्रीमती दुर्गा मरावी, संध्या मैडम सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को बल
यह घटना एक बार फिर से नई पेंशन योजना (NPS) की खामियों को उजागर करती है। वर्ष 2004 से लागू NPS के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन और क्लेम राशि न मिल पाना, उनके जीवन को संकट में डाल रहा है। शिक्षकों ने इस अवसर पर पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को भी मजबूती से दोहराया।
समाज के लिए मिसाल बनी शिक्षकों की यह पहल
शिक्षकों द्वारा इस प्रकार की मानवीय संवेदना एवं सहयोग की पहल समाज के लिए प्रेरणास्पद है। आज जब हर कोई व्यस्त जीवन में अपने-अपने संघर्षों से जूझ रहा है, ऐसे में किसी जरूरतमंद सहयोगी के लिए आगे आना एक सराहनीय कार्य है।



