साईडलुक, जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा सबस्टेशनों में तैनात आउटसोर्स कर्मियों सहित अन्य कार्मिकों के लिए सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और आपातकालीन चिकित्सा तकनीकों पर केंद्रित एक विशेष प्रशिक्षण सत्र एमपी ट्रांसको एवं सिविल हॉस्पिटल देवास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसमें देवास के डॉ. बीआर शुक्ला (मेडिसिन विशेषज्ञ), डॉ. कुलदीप भर्गाे (डीपीआर चिकित्सक) एवं उनकी टीम द्वारा कर्मचारियों को जीवन रक्षक प्राथमिक चिकित्सा के व्यावहारिक गुर सिखाए गए।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा सीपीआर की तकनीकी जानकारी और उसका लाइव प्रदर्शन दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि हृदयगति रुकने की स्थिति में शुरुआती तीन मिनट के भीतर दी गई सीपीआर सहायता से मरीज के जीवित बचने की संभावना तीन गुना तक बढ़ जाती है। डॉ. शुक्ला ने कहा कि “हर व्यक्ति को जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी होनी चाहिए, सीपीआर जैसी सरल विधि भी किसी की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। बिजली व्यवस्था से जुड़े स्टाफ अगर यह ज्ञान रखते हैं तो वे केवल अपने परिवार ही नहीं, समाज के लिए भी मददगार बन सकते हैं।”
एमपी ट्रांसको के कार्यपालन अभियंता इंजी. निर्दाेष केरकेट्टा एवं सहायक अभियंता इंजी. अन्शुमा खातरकर के विशेष प्रयासो से आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में देवास, चापड़ा, सोनकच्छ, शंकरगढ़, बरोठा, मक्सी, किशनगढ़ सहित 9 सबस्टेशनों के आउटसोर्स कर्मियों सहित लगभग 40 कर्मियों ने हिस्सा लिया। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से फील्ड स्टाफ को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया, जो दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित सबस्टेशनों में कार्यरत रहते हैं, जहाँ स्वास्थ्य सेवाएं तुरंत उपलब्ध नहीं होतीं। ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए यह प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

