गिर गाय के घी से कोल्ड प्रेस्ड तेल तक सब मिला एक छत के नीचे, अधिकारियों ने दिए प्रमाणीकरण के निर्देश
साईडलुक, जबलपुर। कृषि उपज मंडी परिसर में हर रविवार लगने वाला साप्ताहिक जैविक हाट अब जबलपुर के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं की पहली पसंद बन गया है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग के मार्गदर्शन में चल रहा यह हाट शुद्धता और भरोसे की नई पहचान बनता जा रहा है।
इस रविवार को जिले के अलग-अलग विकासखंडों से 30 से 35 जैविक किसानों ने हाट में हिस्सा लिया। किसानों ने जैविक अनाज, दाल, गिर गाय के दूध का दही, बिलौना घी, ताजी सब्जियां, फल, कोल्ड प्रेस्ड तेल, मसाले, आटा, गेहूं, चावल, गुड़ समेत कई प्राकृतिक उत्पाद बिक्री के लिए रखे। जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने के लिए शुरू किया गया यह हाट अब लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है।
पंजीकरण और आईडी कार्ड पर जोर
उप संचालक कृषि यू के कटहरे ने हाट का निरीक्षण किया। उन्होंने विक्रेताओं से जैविक उत्पाद बनाने की विधि और गुणवत्ता की जानकारी ली। कटहरे ने किसानों को उत्पादों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए ताकि भरोसा बढ़े और बड़ा बाजार मिल सके।
अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ. इंदिरा त्रिपाठी ने किसानों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य बताया। उन्होंने पात्र किसानों से खेती का पूर्ण जैविक प्रमाणीकरण कराने के लिए जल्द आवेदन करने को कहा। मौके पर दो किसानों ने प्रमाणीकरण के लिए पंजीयन की सहमति भी दी।
अधिकारियों ने दी ब्रांडिंग की जानकारी
हाट में मौजूद कृषि अधिकारियों ने किसानों को जैविक खेती, विपणन और ब्रांडिंग की जरूरी जानकारी दी। हाट के सफल संचालन में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एस के परतेती, के के डेहरिया, सुश्री निधि भलावी, सुश्री सुषमा कुलेश, गौतम यादव सहित विभाग के अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों का योगदान रहा।

