आधारताल कृषि विस्तार केंद्र में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन, बिना बीएससी एग्रीकल्चर डिग्री वालों के लिए अनिवार्य है एक वर्षीय डिप्लोमा
साईडलुक, जबलपुर। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रय का नया लाइसेंस प्राप्त करने के इच्छुक आवेदकों के लिए शनिवार को एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण आधारताल स्थित कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र में उन आवेदकों के लिए आयोजित किया गया था जिनके पास बीएससी एग्रीकल्चर या बीएससी रसायन की डिग्री नहीं है और जो कृषि आदान विक्रय का व्यापार प्रारंभ करना चाहते हैं।
कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र में फेसिलिटेटर वी जी गोस्वामी के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में देसी डिप्लोमा यानि डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विसेज फॉर इनपुट डीलर्स के बारे में तथा कृषि संबंधी नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उप संचालक कृषि एवं अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ इंदिरा त्रिपाठी ने प्रशिक्षणार्थियों को उर्वरक गुण नियंत्रण अधिनियम 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की व्यावहारिक कार्यप्रणाली के बारे में समझाया। उन्होंने नया लाइसेंस प्राप्त करने के बाद दुकान के रिकॉर्ड का सही रखरखाव करने तथा सैंपल लेने और देने की प्रक्रिया एवं नियमों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र की प्राचार्य श्रीमती अरुणिमा सेन ने बीज अधिनियम एवं बीज नियंत्रण आदेश के विषय में जानकारी दी। उन्होंने नए आवेदकों को भविष्य में दुकान संचालन एवं विक्रय के दौरान ध्यान रखने योग्य कानूनी पहलुओं तथा अभिलेखों के उचित संधारण के महत्वपूर्ण गुर सिखाए।
प्रशिक्षण में बताया गया कि देसी डिप्लोमा कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान हैदराबाद के माध्यम से चलाया जाने वाला एक विशेष एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम है। खाद, बीज और कीटनाशक की नई दुकान खोलने या नया लाइसेंस प्राप्त करने के लिए इस डिप्लोमा को अनिवार्य माना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य नए आवेदकों को तकनीकी कृषि ज्ञान प्रदान करना है ताकि वे आगे चलकर किसानों को फसलों और आदानों के बारे में सही परामर्श दे सकें। इस एक वर्षीय डिप्लोमा में सप्ताह में केवल एक दिन कक्षा आयोजित की जाती है और इसके लिए आवेदक का न्यूनतम दसवीं पास होना अनिवार्य है। आमतौर पर एक बैच में 40 अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है।
विभाग ने जानकारी दी कि खाद-बीज या कीटनाशक विक्रय का नया लाइसेंस बनवाने के इच्छुक व्यक्ति अपने जिले के उप संचालक कृषि कार्यालय, आत्मा परियोजना कार्यालय या स्थानीय कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र से संपर्क कर इस डिप्लोमा के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और नए सत्र अथवा बैच का नोटिफिकेशन जारी होने पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं।

