जबलपुर, रीवा, कटनी और गुना में 70 किमी प्रतिघंटा तक चल सकती हैं तेज हवाएं, शाम के समय सतर्क रहने की सलाह
साईडलुक, डेस्क। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। जारी पूर्वानुमान के अनुसार शाम के समय कई जिलों में मध्यम से तीव्र स्तर के आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग के अनुसार जबलपुर, भेड़ाघाट, गुना, रीवा और कटनी जिलों में मध्यम तीव्रता के गरज-चमक वाले तूफान की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने और कुछ स्थानों पर वर्षा होने की भी संभावना व्यक्त की गई है।
इसके अलावा सतना, चित्रकूट, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, अमरकंटक, निवाड़ी, ओरछा, टीकमगढ़, छतरपुर, खजुराहो, पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र, सागर, दमोह, इंदौर, देवास, बड़वानी, खरगोन, शाजापुर, राजगढ़ और नरसिंहपुर जिलों में हल्के से मध्यम स्तर के गरज-चमक वाले बादल सक्रिय हो सकते हैं। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में नमी युक्त हवाओं का प्रभाव बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणालियों की सक्रियता के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे आंधी और बारिश की परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं। विशेष रूप से शाम और रात के समय मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।
प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और टीन शेड जैसी असुरक्षित जगहों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी फसल और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने को कहा गया है। तेज हवाओं के कारण कमजोर संरचनाओं, होर्डिंग्स और पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगामी दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट दर्ज होने और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। हालांकि बिजली गिरने और तेज आंधी की आशंका को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
प्रदेश के कई जिलों में जारी इस मौसम चेतावनी के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने भी स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के बीच सावधानी और सतर्कता ही किसी भी संभावित नुकसान से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।

