शहपुरा थाना क्षेत्र के मामले में कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला, बिना लाइसेंस 44 बम रखने का था आरोप
साईडलुक, डेस्क। जिला न्यायालय ने अवैध रूप से विस्फोटक रखने के एक गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाते हुए दो आरोपियों को 10-10 वर्षों के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला थाना शहपुरा के अपराध क्रमांक 82/2018 एवं प्रकरण क्रमांक 93/2024 से जुड़ा है।
आरोपियों की पहचान:
– मचाले बहेलिया, पिता पटा मुंडी, उम्र 25 वर्ष
– मंजीत बहेलिया, पिता देवल बहेलिया
(दोनों निवासी: पड़रियाकला, थाना शहपुरा, जिला डिंडौरी)
मामले का विवरण:
इन दोनों आरोपियों को 44 नग अवैध बम अपने कब्जे में रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस द्वारा पूछताछ में जब उनसे विस्फोटक रखने संबंधी वैध लाइसेंस या कागजात मांगे गए तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
अदालत का फैसला:
न्यायालय शिवकुमार कौशल, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, डिंडौरी ने दोनों आरोपियों को धारा 4(बी) विस्फोटक अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए उन्हें 10-10 वर्ष के कठोर कारावास व एक—एक हज़ार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यदि आरोपी जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 6 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
मीडिया सेल प्रभारी एवं अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि इस फैसले से यह स्पष्ट संदेश गया है कि विस्फोटक जैसे खतरनाक पदार्थों के अवैध उपयोग और भंडारण को लेकर अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

