पाटन, मझौली, कुंडम और पनागर के खरीदी केंद्रों में अनियमितता पर कलेक्टर सख्त, कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश
साईडलुक, जबलपुर। जिला उपार्जन समिति की शुक्रवार को कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में पिछले दो वर्षों के दौरान पाटन, मझौली, कुंडम और पनागर के कुछ खरीदी केंद्रों पर गेहूं और धान के उपार्जन में हुई अनियमितताओं के कारण किसानों को भुगतान में आ रही कठिनाईयों को दूर करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि उपार्जन में अनियमितता करने वाली समितियों एवं गोदामों में जांच और सत्यापन के दौरान उपलब्ध पाई गई गेहूं और धान की मात्रा के आधार पर शासन से मिलने वाली राशि तथा इन समितियों और गोदामों को दी जाने वाले प्रासांगिक व्यय, कमीशन और किराये को राजसात करने से प्राप्त होने वाली राशि को मिलाकर शेष रह गये किसानों को भुगतान किया जाये।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बैठक में उपार्जन में अनियमितता एवं गड़बड़ी की शिकायतों पर की गई जांच की कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित समितियों और गोदामों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कारण बताओ नोटिस जारी करने में विलम्ब न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाये। कलेक्टर ने ऐसी समितियों और गोदामों को मिलने वाली प्रासांगिक व्यय, कमीशन और किराये की राशि को राजसात करने की तथा आरआरसी जारी कर अर्थदंड की वसूली की कार्यवाही में भी तत्परता बरतने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
बैठक में अपर कलेक्टर नीता राठौर, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत, संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन, एसडीएम कुंडम प्रगति गणवीर तथा खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी मौजूद थे।

