आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर सरकार को घेरा, कहा कलम वाली हाथों पर लात मारना बेहद शर्मनाक
साईडलुक, डेस्क। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक करने वाली तस्वीर सामने आई है जिसने प्रदेश की कानून व्यवस्था और गड्ढा मुक्त सड़कों के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि अपनी सड़क को गड्ढा मुक्त कराने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे मासूम स्कूली बच्चों के साथ पुलिस ने बदसलूकी की और उन्हें लात मारकर हटाया। इस पूरे मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस घटना को लेकर एक्स पर एक वीडियो पोस्ट साझा करते हुए योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। सांसद संजय सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा है कि उत्तर प्रदेश के महोबा में गड्ढा मुक्त सड़क का हक मांगने के लिए सड़क पर उतरे स्कूली बच्चों पर पुलिस ने लातें बरसाई हैं और उनके साथ बदसलूकी की है। उन्होंने कहा कि सरकार के सड़कों को लेकर किए जा रहे बड़े-बड़े दावों की पोल खुद महोबा के इन स्कूली बच्चों ने खोल दी है और जब बच्चों ने सच दिखाया तो उन्हें जवाब में पुलिस की बर्बरता झेलनी पड़ी।
संजय सिंह ने अपनी पोस्ट में बेहद भावुक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि जो हाथ कलम और किताबें थामने के लिए बने हैं उन मासूम छात्र-छात्राओं को सड़क से लात मारकर हटाना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कैसी व्यवस्था है जहां अपने भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले मासूमों को इंसाफ मिलने के बजाय पुलिस का अत्याचार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में चूर सरकार बच्चों की सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
बताया जा रहा है कि महोबा के स्कूली बच्चे लंबे समय से अपने स्कूल मार्ग की जर्जर हालत से परेशान थे। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने की वजह से आए दिन छात्र गिरकर चोटिल हो रहे थे और बरसात के मौसम में तो हालात और भी बदतर हो गए थे। कई बार शिकायत करने के बाद भी जब सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो मजबूरन बच्चों को अपनी पढ़ाई छोड़कर सड़क पर उतरना पड़ा। बच्चे हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे लेकिन तभी वहां पहुंची पुलिस ने उन्हें जबरन हटाने का प्रयास किया। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह वर्दीधारी बच्चों के साथ धक्का मुक्की कर रहे हैं।
इस घटना के सामने आने के बाद विपक्ष को सरकार को घेरने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। आम आदमी पार्टी के अलावा अन्य विपक्षी दलों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि जब छोटे-छोटे बच्चे अपनी बुनियादी सुविधा के लिए आवाज उठाएंगे और उन्हें इस तरह दबाया जाएगा तो आम आदमी अपनी बात कहां रखेगा।
पुलिस ने कहा नहीं हुआ बल प्रयोग
जनपद महोबा में झांसी मिर्जापुर हाइवे पर स्कूली बच्चों के प्रदर्शन का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम पर दो बिल्कुल अलग अलग दावे सामने आए हैं जिसने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। एक तरफ आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर पुलिस पर मासूम बच्चों के साथ बर्बरता करने का गंभीर आरोप लगाया है तो वहीं दूसरी तरफ महोबा पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
पुलिस ने बताई यह वजह
वहीं इस वायरल वीडियो पर मचे हंगामे के बाद महोबा पुलिस ने अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। पुलिस द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि दिनांक 19 अगस्त 2026 को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत झांसी मिर्जापुर हाइवे पर कुछ छात्रों द्वारा अपनी मांगों को लेकर हाइवे को जाम कर दिया गया था। इस जाम के कारण आपातकालीन सेवाएं और आम जनमानस का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।
पुलिस का कहना है कि जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और यातायात पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंचकर छात्रों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली गई और उनसे सद्भावपूर्वक बातचीत कर आपातकालीन सेवाओं को बहाल कराया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का बल प्रयोग अथवा अभद्रता नहीं की गई। छात्राओं की समस्याओं को सुनकर संबंधित विभाग को भी अवगत करा दिया गया है जिस पर तत्काल आवश्यक कार्यवाही कराई जा रही है।
सीओ सिटी ने जारी की बाइट
इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्राधिकारी नगर रविकांत गोंड ने भी अपनी बाइट जारी की है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि पुलिस ने मौके पर पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया है और बच्चों को समझा बुझाकर हाइवे को खाली कराया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा पुलिस की पहली प्राथमिकता है।
फिलहाल इस मामले में एक तरफ बच्चों की जायज मांग और दूसरी तरफ हाइवे जाम से उत्पन्न हुई स्थिति दोनों ही चर्चा का विषय बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सड़क की मरम्मत करा दी गई होती तो बच्चों को सड़क पर उतरने की नौबत ही नहीं आती। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग सड़क की मरम्मत कितनी जल्दी पूरी करता है।
एक्स पर वीडियो पोस्ट:
https://x.com/SanjayAzadSln/status/2090122921129943232?s=20
बाइट : रविकांत गोंड] सीओ सिटी

