साईडलुक, जबलपुर। आस्था और श्रद्धा का अनुपम संगम रविवार को झूलेलाल मंदिर परिसर में देखने को मिला। अवसर था ‘भव्य चालीसा व्रत महोत्सव’ का, जिसमें भक्तगणों ने पूरे उल्लास और भक्ति भाव से भाग लिया। इस पावन अवसर पर मंदिर समिति की ओर से ‘108 मीटर लंबा पवित्र अंगवस्त्र’ झूलेलाल साईं को अर्पित किया गया। यह अर्पण सामूहिक श्रद्धा, अखंड विश्वास और सनातन संस्कृति के गौरव का प्रतीक बन गया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा यह ‘विशाल 108 मीटर अंगवस्त्र’। आयोजकों के अनुसार 108 का अंक हिन्दू परंपरा में विशेष स्थान रखता है। जपमाला की 108 मनकियाँ हों या मंदिर शिखरों पर 108 कलश यह संख्या पूर्णता और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का द्योतक है। इसीलिए अंगवस्त्र अर्पण को समाज की सामूहिक आस्था और अखंड भक्ति का अद्वितीय प्रतीक माना गया। पूरे महोत्सव के दौरान झूलेलाल चालीसा का अखंड पाठ, पूज्य बहराणा साहिब पूजन, स्वामी प्रदीप महाराज, पंडित वेदांत शर्मा द्वारा किया गया। भक्तजन अपनी वाणी और सुर में चालीसा का सामूहिक गान कर रहे थे। वातावरण “झूलेलाल साईं की जय” के उद्घोष से गूँज उठा। श्रद्धालु महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग भक्ति में लीन होकर आराधना करते दिखाई दिए।
मंदिर में भक्ति और संस्कृति का समागम
झूलेलाल मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि सिंधी समाज की सांस्कृतिक धरोहर भी है। चालीसा व्रत महोत्सव ने यह प्रमाणित किया कि समाज अपनी परंपराओं और संस्कृति से गहरे रूप से जुड़ा हुआ है। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनियों और शुभ प्रतीकों से सजाया गया था। मूर्ति पर पुष्पमालाएँ और सुगंधित धूप से वातावरण दिव्य बना हुआ था।
स्वामी अशोकानंद महाराज ने बताया चालीसा महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमारी संस्कृति और आस्था का उत्सव है। 108 मीटर अंगवस्त्र अर्पण कर हमने झूलेलाल साईं से समाज की शांति, समृद्धि और उन्नति की प्रार्थना की है।
गणमान्य अतिथियों विधायक अशोक रोहाणी, करतार सिंह बठीजा, शमन असवानी, राजेश नंदवानी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज को एकता, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
सामूहिक एकता का प्रतीक
इस पूरे आयोजन की विशेषता रही भक्तों की व्यापक भागीदारी। सुबह से ही मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बच्चे उत्साह से भरे, महिलाएँ भक्ति गीतों में मग्न और बुजुर्ग गहरी आस्था के साथ इस महोत्सव में सम्लित हुए “झूलेलाल साईं की जय…” के गगनभेदी नारों के साथ यह आयोजन संपन्न हुआ।
आयोजन समिति के उद्धवदास पारवानी, दिलीप तलरेजा,रामचंद्र आहूजा, रमेश आहूजा, राजकुमार कांधारी, माधवदास कुंदवानी, श्रीचंद मध्यांनी, कैलाश वासवानी, धर्मेंद्र मंगलानी, त्रिलोक वासवानी, लक्ष्मीचंद खेमानी, ताराचंद खत्री, सुधीर भागचांदनी, गोविन्द हीरानी, प्रकाश आहूजा, प्रकाश आसवानी, राजा सावलानी, विजय पंजवानी, हरीश आहूजा, बिल्लू हीरानी, सुनील हासवानी, सोनू लालवानी, गोपीचन्द्र खत्री सभी अनुष्ठान मे शामिल हुए।

