जबलपुर। मप्र उच्च न्यायालय ने कैंट बोर्ड जबलपुर के सफाई ठेके को चुनौती के मामले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सीईओ को जवाब पेश करने करने के लिए समय दे दिया है। इससे पूर्व याचिकाकर्ता की ओर से काउंटर एफीडेविट पेश किया गया, जिसे रिकार्ड पर ले लिया गया। इसके जरिये आरोप लगाया गया कि कैंट के सफाई ठेका आवंटन में फेक मेमोरेंडम का सहारा लिया गया है। जिस आफिस मेमोरेंडम, ओएम के आधार पर ठेका दिया गया, वह इंटरनेट पर मौजूद रहीं है। जो नंबर बताया गया, उस पर क्लिक करने पर दूसरे कार्य से जुड़ी एनआईटी अपलोड नजर आई।

उच्च न्यायालय ने इस जानकारी को बेहद गंभीरता से लेकर कैंट बोर्ड सीईओ से स्पष्टीकरण तलब कर लिया है, ऐसा न किए जाने पर कठोर कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद नियत की गई है। इस दौरान याचिकाकर्ता डी सर्विसेस जबलपुर की ओर से अधिवक्ता गिरीश श्रीवास्तव व कौशिकी मिश्रा ने पक्ष रखा। जबकि इंटरवीनर्स की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ व कबीर पाल और मनोज शर्मा व अभिराज सिंह ने तर्क रखे।

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