जबलपुर। संत निरंकारी मण्डल कि शाखा जबलपुर में गोलबाजार संत निरंकारी सत्संग भवन में चेरिटेबिल फाउंडेशन के सौजन्य से विशालताम् रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
जिसमें सेकड़ों मिशन के रक्तदाताओं ने युगद्रष्टा बाबा हरदेव सिंह जी के ब्रम्ह वाक्य “रक्त नाड़ियों में बहे, न कि नालियों में “ पर समर्पित होकर रक्तदान किया।
संत निरंकारी भवन में प्रात: 10 बजे माननीय जगत बहादुर सिंह (अन्नु) महापौर के कर कमलों से शिविर का उद्घाटन किया गया। स्वागत सेवादल के भाई बहिनों के मार्च गीत ‘न हिन्दू, न सिख ईसाई, न हम मुसलमान हैं, मानवता है धर्म हमारा हम केवल इंसान हैं“ द्वारा तथा नवनीत नागपाल ने निरंकारी परम्परा के अनुसार दुपट्टा पहिना कर स्वागत किया।
आपजी ने रक्तदान हेतु रक्तदाता भाई बहिन पंजीयन कराते हुए व रक्त देते हुए अनेक युवा भाई बहिनों का उत्साहवर्धन करते हुए मिशन कि गतिविधियों की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि निरंकारी मिशन से मैं पिछले कई वर्षों से जुड़ा हुआ हूँ। मिशन का प्रत्येक सेवादार दिल से पूर्ण समर्पित भाव से मानवता की सेवा करते हैं ये इन पर ईश्वर की विशेष कृपा है। ये सेवादार भाई बहिन न सिर्फ शिविर में बल्कि प्रतिदिन जरूरत मंदों को रक्त देने हेतु सदैव तत्पर रहते हैं इनका सम्पूर्ण जीवन सुखमय रहेगा।
रक्त संग्रहण नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मेडिकल कालेज, रानी दुर्गावती (एल्गिन) अस्पताल, जबलपुर ब्लड बैंक एवं सेठ गोविंदास ‘विक्टोरिया’ अस्पताल के विशेषज्ञ डाक्टरों कि टीम द्वारा उचित निरीक्षण के उपरान्त किया गया।
जबलपुर में 25 वां रक्तदान रहा इस शिविर में 225 रक्तदाताओं ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। इसके अतिरिक्त वर्ष भर में प्रतिदिन रक्तदाताओं ने जरूरत मंदों को 302 यूनिट रक्तदान कर नव-जीवन प्रदान करने में योगदान दिया।
इस तरह वर्ष 2025 के 25 वें में कुल रक्तदान 225 + 302 = 527 सतगुरू माता सुदीक्षाजी महाराज ने विशाल जन समूह को संबोधित करते हुए कहा मानवीयता का ऐसा गुण है, जो योगदान कि भावना को दर्शाता है, ये करूण सेवा और एकत्व के संदेश को जीवन में उतारने का सजीव माध्यम है, जो हमें सिखाता है मानवता सर्वोच धर्म हैं। कार्यक्रम की सफलता में साधसंगत व सेवादल के सभी भाई-बहिनों का विशेष योगदान रहा।

