डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन| जिला पंचायत डिण्डौरी में सहायक परियोजना अधिकारी (संविदा) पद पर कार्यरत रामजीवन कुमार वर्मा की संविदा सेवा समाप्त कर दी गई है। यह निर्णय तब लिया गया जब उनके द्वारा नियुक्ति के समय प्रस्तुत मूल निवासी प्रमाण पत्र की सत्यता संदिग्ध पाई गई।
वर्मा ने वर्ष 2008 में संविदा नियुक्ति के दौरान तहसील शुजालपुर, जिला शाजापुर से जारी मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। आरटीआई आवेदक अनिल पटेल द्वारा हाईकोर्ट में दायर याचिका क्रमांक WP No. 2055/2023 के तहत तहसील कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रमाण पत्र का कोई अभिलेख दायरा पंजी में दर्ज नहीं पाया गया।
तहसीलदार शुजालपुर द्वारा की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उक्त प्रमाण पत्र का कोई रिकॉर्ड 1995-96 से 1997-98 तक के दायरा पंजी में मौजूद नहीं है। इसके आधार पर रामजीवन वर्मा का कार्य मूल्यांकन असंतोषजनक पाया गया।
मध्यप्रदेश शासन के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत नियमों के प्रतिकूल पाए जाने पर वर्ष 2025-26 के लिए उनकी संविदा अवधि में वृद्धि नहीं की गई तथा संविदा अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। आदेश कलेक्टर महोदय के अनुमोदन के उपरांत मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत डिण्डौरी द्वारा जारी किया गया।



