डिंडौरी,रामसहाय मर्दन|जिले में रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। यहां पर रेत माफियाओं पर प्रशासन मेहरबान हैं। दरअसल रेत माफियाओं के द्वारा समनापुर थाना क्षेत्र के बुढनेर नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। बता दें कि जिले में संचालित दीवारी रेत खदान से रेत का अवैध उत्खनन रेत का ठेका लेने वाली कंपनी द्वारा प्रशासन की मूक सहमति पर दिनदहाड़े मशीनों के जरिए खनन का कार्य कराया जा रहा है। यहां तक की रेत निकालने के लिए नदी के बीच धार को भी बख्शा नहीं जा रहा है। खनिज विभाग के अधिकारी यह अच्छी तरह जानते हैं कि शहर और जिले के कई इलाकों में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। इसके बावजूद भी वे कार्रवाई करने से बच रहे हैं। वही रेत की कीमत को नियंत्रित करने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। नदी में पानी आने की वजह से अधिकांश रेत खदान अभी बंद थी लेकिन समय अवधि के पूर्व ही देवारी में बीच नदी में पोकलेन मशीन के द्वारा अवैध उत्खनन किया जा रहा है।
खुलेआम एनजीटी के नियमों की कर रहे अवहेलना…
खुलेआम एनजीटी के नियमों की अवहेलना हो रही है और प्रशासन रेत खनन कंपनी के ऊपर मेहरबान बनी हुई है। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। देवारी रेत खदान की तरह जिले के अन्य स्थानों में भी यही हाल है। एनजीटी के नियमों के अनुसार नदी से रेत निकालने के दौरान नदी के प्रवाह से ना छेड़छाड़ की जा सकती है और ना ही प्रवाह का रास्ता बदला जा सकता है पर यहां रेत माफिया सीधे-सीधे नदी के बीच धार से रेत निकलवा रहा है और वह भी पोकलेन व जेसीबी मशीनों के जरिए। रेत खदानों का सीमा क्षेत्र का है ना होने के कारण यहां भी रेट जिस रकबे और खसरा नंबर पर होना चाहिए उससे हटकर खनन का कार्य किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिली भगत से क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन जारी है। इससे शासन को लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। रेत से भरे वाहन ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों को जर्जर कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है ।
घाट के नाम पर नदी में उतार रहे मशीनें….
देवारी खदान का ठेका हुआ है। लेकिन नियमानुसार बिना पर्यावरण स्वीकृति के मशीनों से खनन नहीं कर सकते है। कंपनी नदी के बाहर मशीनें लगा सकती है, लेकिन नदी के पूरे घाट पर दिन रात मशीनों से रेत निकाली जा रही है। हालाँकि रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन को लेकर खनिज विभाग के पास कई शिकायतें हैं। अधिकारी खुद भी अवैध परिवहन की कई मामले पकड़ चुके हैं।



